{"_id":"60b151fb8ebc3e719e5fa774","slug":"congress-formed-committee-to-resolve-dispute-between-party-leaders-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब कांग्रेस में कलह: घमासान रोकने के लिए हाईकमान ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी, आज होगी पहली बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब कांग्रेस में कलह: घमासान रोकने के लिए हाईकमान ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी, आज होगी पहली बैठक
Sat, 29 May 2021 02:07 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 29 May 2021 02:07 AM IST
सार
पंजाब कांग्रेस में मची कलह को शांत कराने की जिम्मेदारी आलाकमान ने इस तीन सदस्यी कमेटी को दी है। कमेटी अगले हफ्ते चंडीगढ़ का दौरा कर सकती है। बता दें कि कोटकपूरा गोलीकांड मामले में नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी सरकार पर जमकर हमला बोला। इसके बाद कई और नेताओं ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर निशाना साधा। अपने ही नेताओं के बीच बढ़ता विवाद देख कांग्रेस आलाकमान ने तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का फैसला किया। कमेटी में पार्टी के पंजाब प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी जगह दी गई है।
विज्ञापन
नवजोत सिंह सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान से निपटने के लिए पार्टी हाईकमान ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी में पंजाब प्रभारी हरीश रावत, मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल को शामिल किया गया है। साथ ही हाईकमान ने शनिवार को नई दिल्ली में कमेटी की पहली बैठक भी बुला ली है। इसके लिए पार्टी के राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलूरू से दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस बीच, पंजाब के नाराज नेताओं को दिल्ली बुलाए जाने की खबरों पर विराम लगाते हुए विधायक परगट सिंह ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को फिलहाल ऐसा कोई संदेश नहीं मिला है।
विज्ञापन
दूसरी ओर, पंजाब में कैप्टन खेमा भी सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश पार्टी प्रधान सुनील जाखड़ ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। कमेटी की मीटिंग से पहले पंजाब कांग्रेस द्वारा दोनों पक्षों की बैठक बुलाई जा सकती है। कैप्टन भी नाराज नेताओं से वन टू वन मुलाकात कर सकते हैं। यह सारे प्रयास इसलिए किए जा रहे हैं कि हाईकमान की कमेटी अगले हफ्ते पंजाब का दौरा कर सकती है। इस दौरान चंडीगढ़ में कमेटी नाराज विधायकों और मंत्रियों से मिलेगी।
विज्ञापन
लंबी हो चुकी है कैप्टन से नाराज नेताओं की सूची
विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा बेअदबी व कोटकपूरा फायरिंग मामले को हाईकोर्ट में सही तरीके से नहीं संभाल पाने को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ शुरू की गई जुबानी जंग को विधायक परगट सिंह, कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा के बाद कई अन्य विधायकों का भी साथ मिल गया।
विज्ञापन
वहीं, सांसद प्रताप सिंह बाजवा पहले से ही कैप्टन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। विधायक सुरजीत धीमान और पूर्व विधायक अश्विनी सेखड़ी भी कैप्टन की आलोचना करने वालों की सूची में शामिल हो चुके हैं। नाराज विधायकों, मंत्रियों का खेमा उस समय ज्यादा सक्रिय हो गया जब पंजाब सरकार ने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ विजिलेंस जांच, चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मी-टू मामले में महिला आयोग के जरिये पुराना केस खोला।
परगट सिंह को कैप्टन के सलाहकार द्वारा फोन पर धमकाने का मामला सामने आने पर भी विधायकों ने नाराजगी जाहिर की। नाराज नेताओं ने जहां पार्टी हाईकमान तक पहुंच बनाई, वहीं चंडीगढ़ में कैप्टन के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी भी कर ली थी, जिसे हाईकमान ने मसला हल करने का भरोसा दिलाते हुए रोका।