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Chandigarh News: पहलवानों पर कांग्रेस का दांव, 2024 का दंगल जीतने की चाह
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-हरियाणा के पहलवानों को साधने में जुटा कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व
-खिलाड़ियों की मांगों का समर्थन कर केंद्र सरकार पर साध रहे निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले नौ साल से हरियाणा और केंद्र की सत्ता से दूर कांग्रेस पहलवानों पर दांव लगाकर 2024 के चुनावों का राजनीतिक दंगल जीतने की चाह में है। खिलाड़ियों, खासकर पहलवानों को साधने में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व कोई कसर नहीं छोड़ रहा। युवा और एक बड़ा वर्ग होने के चलते कांग्रेस नेता प्रियंका व राहुल गांधी से लेकर हरियाणा के नेता लगातार खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।
खेलों के क्षेत्र में हरियाणा के खिलाड़ियों ने धाक जमा रखी है और ओलंपिक से लेकर एशियाई खेलों तक में देश की झोली में कई मेडल डाले हैं। लेकिन पिछले एक साल से भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारिणी को लेकर खिलाड़ियों का विवाद चल रहा है। हरियाणा के पहलवानों ने पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस इन खिलाड़ियों का समर्थन कर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है।
ताजा हालात की बात करें तो कुश्ती संघ के चुनाव में बृजभूषण के समर्थक संजय सिंह की जीत से आहत पहलवान साक्षी मलिक ने 21 दिसंबर को कुश्ती से संन्यास का एलान किया। अगले ही दिन 22 दिसंबर को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी साक्षी मलिक से मिलने पहुंच गईं। वहीं, बुधवार को राहुल गांधी का पहलवान दीपक पूनिया के गांव छारा में पहुंचना और बजरंग पूनिया के साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों से मुलाकात करने को भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सियासत के रणनीतकारों का मानना है कि पहलवानों से हरियाणा ही नहीं पूरे देश का युवा जुड़ा है और इसी युवा वर्ग को साधने के लिए कांग्रेसी नेता लगातार खिलाड़ियों से मुलाकातें व उनका समर्थन कर रहे हैं।
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भाजपा भी खिलाड़ियों को राजनीतिक दंगल में उतार चुकी
कांग्रेस से पहले, भारतीय जनता पार्टी भी खिलाड़ियों पर दांव लगाती रही है। ओलंपियन पहलवान योगेशवर दत्त और भारतीय हाॅकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। योगेशवर दत्त दो बार बरोदा विधानसभा से चुनाव लड़े, लेकिन दोनों ही बार उनको हार का सामना करना पड़ा। वहीं, संदीप सिंह इस समय पिहोवा से विधायक और सरकार में राज्यमंत्री हैं। कांग्रेस ने मुक्केबाज विजेंद्र सिंह को 2019 में दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़वाया था।
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-खिलाड़ियों की मांगों का समर्थन कर केंद्र सरकार पर साध रहे निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले नौ साल से हरियाणा और केंद्र की सत्ता से दूर कांग्रेस पहलवानों पर दांव लगाकर 2024 के चुनावों का राजनीतिक दंगल जीतने की चाह में है। खिलाड़ियों, खासकर पहलवानों को साधने में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व कोई कसर नहीं छोड़ रहा। युवा और एक बड़ा वर्ग होने के चलते कांग्रेस नेता प्रियंका व राहुल गांधी से लेकर हरियाणा के नेता लगातार खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।
खेलों के क्षेत्र में हरियाणा के खिलाड़ियों ने धाक जमा रखी है और ओलंपिक से लेकर एशियाई खेलों तक में देश की झोली में कई मेडल डाले हैं। लेकिन पिछले एक साल से भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारिणी को लेकर खिलाड़ियों का विवाद चल रहा है। हरियाणा के पहलवानों ने पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस इन खिलाड़ियों का समर्थन कर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है।
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ताजा हालात की बात करें तो कुश्ती संघ के चुनाव में बृजभूषण के समर्थक संजय सिंह की जीत से आहत पहलवान साक्षी मलिक ने 21 दिसंबर को कुश्ती से संन्यास का एलान किया। अगले ही दिन 22 दिसंबर को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी साक्षी मलिक से मिलने पहुंच गईं। वहीं, बुधवार को राहुल गांधी का पहलवान दीपक पूनिया के गांव छारा में पहुंचना और बजरंग पूनिया के साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों से मुलाकात करने को भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सियासत के रणनीतकारों का मानना है कि पहलवानों से हरियाणा ही नहीं पूरे देश का युवा जुड़ा है और इसी युवा वर्ग को साधने के लिए कांग्रेसी नेता लगातार खिलाड़ियों से मुलाकातें व उनका समर्थन कर रहे हैं।
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भाजपा भी खिलाड़ियों को राजनीतिक दंगल में उतार चुकी
कांग्रेस से पहले, भारतीय जनता पार्टी भी खिलाड़ियों पर दांव लगाती रही है। ओलंपियन पहलवान योगेशवर दत्त और भारतीय हाॅकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। योगेशवर दत्त दो बार बरोदा विधानसभा से चुनाव लड़े, लेकिन दोनों ही बार उनको हार का सामना करना पड़ा। वहीं, संदीप सिंह इस समय पिहोवा से विधायक और सरकार में राज्यमंत्री हैं। कांग्रेस ने मुक्केबाज विजेंद्र सिंह को 2019 में दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़वाया था।