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छेड़खानी के आरोपी डॉक्टर को शोकॉज नोटिस, प्रशासन ने पूछा- क्यों न समाप्त की जाएं सेवाएं
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चंडीगढ़। मेडिकल कालेज में दो महिला डाक्टरों से छेड़खानी के मामले में मेडिकल कालेज ने आरोपी सीनियर रेजिडेंट डाक्टर अनिकेत सैनी को शोकॉज नोटिस देकर पूछा है कि क्यों न आपकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। इसके लिए अनिकेत को दस दिन का वक्त दिया गया है। यदि उसका जवाब संतुष्टि पूर्ण नहीं होता है तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। अनिकेत इस समय में बुड़ैल जेल में बंद हैं। वह मेडिकल कालेज में सीनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात हैं। मेडिकल कालेज व यूटी प्रशासन ने अनिकेत की हरकत को गंभीरता से लिया है।
डा. अनिकेत पर अस्पताल की ही दो जूनियर महिला डाक्टरों के साथ छेड़खानी और मारपीट करने का आरोप लगाया था। मेडिकल कालेज की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। पुलिस ने डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामला बीते छह दिसंबर का है। आरोप था कि डा. अनिकेत शराब पीकर हास्पिटल पहुंचा और दो महिला व एक अन्य डाक्टर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और छेड़खानी भी की। साथ ही मारपीट भी की।
आठ दिसंबर को यह मामला हास्पिटल प्रशासन के संज्ञान में आया और इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। दूसरी तरफ हास्पिटल प्रशासन ने इस मामले में जांच कमेटी बैठाई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद हास्पिटल प्रशासन ने इस मामले में यूटी प्रशासन से डाक्टर को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। यूटी प्रशासन ने हास्पिटल प्रशासन की सिफारिश मान ली और डाक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उसके बाद उसे सस्पेंड भी कर दिया गया था। अब उसे फिर से शोकॉज नोटिस जारी कर दस दिन का वक्त दिया गया है, वह बताएं कि क्यों न उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि मेडिकल कालेज का इस तरह की हरकत पर स्टैंड पूरी तरह से क्लीयर है। संस्थान की ओर से इसमें जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है। इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए दस दिन का वक्त दिया गया है।
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डा. अनिकेत पर अस्पताल की ही दो जूनियर महिला डाक्टरों के साथ छेड़खानी और मारपीट करने का आरोप लगाया था। मेडिकल कालेज की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। पुलिस ने डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामला बीते छह दिसंबर का है। आरोप था कि डा. अनिकेत शराब पीकर हास्पिटल पहुंचा और दो महिला व एक अन्य डाक्टर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और छेड़खानी भी की। साथ ही मारपीट भी की।
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आठ दिसंबर को यह मामला हास्पिटल प्रशासन के संज्ञान में आया और इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। दूसरी तरफ हास्पिटल प्रशासन ने इस मामले में जांच कमेटी बैठाई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद हास्पिटल प्रशासन ने इस मामले में यूटी प्रशासन से डाक्टर को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। यूटी प्रशासन ने हास्पिटल प्रशासन की सिफारिश मान ली और डाक्टर को सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उसके बाद उसे सस्पेंड भी कर दिया गया था। अब उसे फिर से शोकॉज नोटिस जारी कर दस दिन का वक्त दिया गया है, वह बताएं कि क्यों न उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि मेडिकल कालेज का इस तरह की हरकत पर स्टैंड पूरी तरह से क्लीयर है। संस्थान की ओर से इसमें जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है। इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए दस दिन का वक्त दिया गया है।
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