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Chandigarh News: रिश्वत मांगने पर क्लर्क निलंबित, काम नहीं करने वाले 5 अफसरों का वेतन कटा
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शहरी स्वामित्व योजना में लापरवाही बरतने पर सीएम ने की बड़ी कार्रवाई
गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क संदीप को निलंबित किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहरी स्वामित्व योजना को लागू करने में देरी बरतने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पांच अधिकारियों का 15 दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। हरियाणा सरकार के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव ने गुरुग्राम नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अखिलेश यादव, नगर निगम अंबाला के संयुक्त आयुक्त पुनीत व उपनगर आयुक्त दीपक सूरा, नगर निगम सोनीपत के उपनगर आयुक्त हरदीप व नगर निगम नूंह के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुण नांदल का 15 दिन का वेतन काटा है। वहीं, 50 हजार की रिश्वत मांगने के मामले में सीएम ने गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क संदीप कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री आवास पर चल रहे सीएम डैशबोर्ड सेल से प्रत्येक विभाग की अलग-अलग स्कीमों की निगरानी की जाती है। इसमें लाभार्थियों से फोन पर बात कर उनका फीडबैक लिया जाता है, जिसे मुख्यमंत्री समय-समय पर सुनते भी हैं।
वहीं, स्कीमों के लागू होने के बाद नागरिकों से उनका अनुभव पूछा जाता है और उसके तहत अधिकारियों को बैठक में दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। इसी के तहत जब शहरी स्वामित्व योजना के बारे में लाभार्थियों से फीडबैक लिया गया तो उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। गुरुग्राम के एक लाभार्थी ने बताया, पूरी राशि जमा करवाने के बावजूद दो साल से चक्कर लगवाया जा रहा था। लाभार्थी ने बताया, क्लर्क संदीप ने उनसे 50 हजार की रिश्वत की मांग की है। इस पर सीएम ने कड़ा संज्ञान लिया और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए संदीप कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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वहीं, अंबाला, सोनीपत और नूंह के लाभार्थियों ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने पूरी राशि जमा करवा दी थी, मगर अब तक कन्वेंस डीड नहीं करवाई गई। साथ ही बार बार दफ्तर के चक्कर लगवाए। इस पर सीएम ने तुरंत सभी संबंधित अधिकारियों की आधे महीने की तनख्वाह काटने के निर्देश जारी करवाए और कहा कि सरकार की योजनाओं को लागू करने में कोताही बरतने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि पूरी राशि का भुगतान होने के 2 दिन के भीतर कन्वेंस डीड का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव की ओर से अधिकारियों को अगले 3 दिनों में शहरी स्वामित्व योजना के तहत लंबित मामलों में कन्वेंस डीड निष्पादन सुनिश्चित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 100 ऐसे मामले, जिनमें पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है, उनकी कन्वेंस डीड का निष्पादन भी 14 नवंबर तक पूरा किया जाए। इतना ही नहीं, 2152 लंबित मामलों पर भी आगामी 10 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क संदीप को निलंबित किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहरी स्वामित्व योजना को लागू करने में देरी बरतने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पांच अधिकारियों का 15 दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। हरियाणा सरकार के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव ने गुरुग्राम नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अखिलेश यादव, नगर निगम अंबाला के संयुक्त आयुक्त पुनीत व उपनगर आयुक्त दीपक सूरा, नगर निगम सोनीपत के उपनगर आयुक्त हरदीप व नगर निगम नूंह के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुण नांदल का 15 दिन का वेतन काटा है। वहीं, 50 हजार की रिश्वत मांगने के मामले में सीएम ने गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क संदीप कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री आवास पर चल रहे सीएम डैशबोर्ड सेल से प्रत्येक विभाग की अलग-अलग स्कीमों की निगरानी की जाती है। इसमें लाभार्थियों से फोन पर बात कर उनका फीडबैक लिया जाता है, जिसे मुख्यमंत्री समय-समय पर सुनते भी हैं।
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वहीं, स्कीमों के लागू होने के बाद नागरिकों से उनका अनुभव पूछा जाता है और उसके तहत अधिकारियों को बैठक में दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। इसी के तहत जब शहरी स्वामित्व योजना के बारे में लाभार्थियों से फीडबैक लिया गया तो उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। गुरुग्राम के एक लाभार्थी ने बताया, पूरी राशि जमा करवाने के बावजूद दो साल से चक्कर लगवाया जा रहा था। लाभार्थी ने बताया, क्लर्क संदीप ने उनसे 50 हजार की रिश्वत की मांग की है। इस पर सीएम ने कड़ा संज्ञान लिया और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए संदीप कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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वहीं, अंबाला, सोनीपत और नूंह के लाभार्थियों ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने पूरी राशि जमा करवा दी थी, मगर अब तक कन्वेंस डीड नहीं करवाई गई। साथ ही बार बार दफ्तर के चक्कर लगवाए। इस पर सीएम ने तुरंत सभी संबंधित अधिकारियों की आधे महीने की तनख्वाह काटने के निर्देश जारी करवाए और कहा कि सरकार की योजनाओं को लागू करने में कोताही बरतने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि पूरी राशि का भुगतान होने के 2 दिन के भीतर कन्वेंस डीड का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव की ओर से अधिकारियों को अगले 3 दिनों में शहरी स्वामित्व योजना के तहत लंबित मामलों में कन्वेंस डीड निष्पादन सुनिश्चित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 100 ऐसे मामले, जिनमें पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है, उनकी कन्वेंस डीड का निष्पादन भी 14 नवंबर तक पूरा किया जाए। इतना ही नहीं, 2152 लंबित मामलों पर भी आगामी 10 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।