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मार्केट कमेटी में जल्द खत्म होगी अफसरशाही

Fri, 29 Nov 2019 01:27 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 01:27 AM IST
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यूटी प्रशासन, मार्केट कमेटी में अफसरशाही पर जल्द विराम लगाने की तैयारी कर रहा है। इसको लेकर कमेटी में पहली बार नॉमिनेशन कराने को लेकर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रक्रिया से संबंधित एक फाइल दिल्ली भेजी गई है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2018 में यूटी प्रशासन ने मार्केट कमेटी का टर्म पूरा होने पर प्रशासक की नियुक्ति की थी। प्रशासन ने प्रशासक के तौर पर एसडीएम सेंट्रल को तैनात किया था। प्रशासन के इस निर्णय का जमकर विरोध किया गया। पूर्व मार्केट कमेटी के चेयरमैन देवेंद्र सिंह बबला द्वारा इस फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती भी दी गई। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से जल्द मामले को सुलझाने को कहा था।
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अब एक साल के बाद यूटी प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही जमींदारों (प्रोड्यूसर) नॉमिनेशन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। दो सप्ताह पूर्व यूटी प्रशासक द्वारा मार्केट कमेटी के प्रशासक और सचिव के साथ बैठक भी की गई। इसमें इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इस आशय की एक फाइल दिल्ली भेजी गई है, जैसी ही स्वीकृति मिलती है इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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कानूनी सलाह भी ले रहा प्रशासन
प्रशासन के अनुसार मामला गंभीर होने के कारण कानूनी सलाह भी ली जा रही है। प्रशासन के कानून विशेषज्ञों से विभिन्न पहलुओं पर विचार करने को कहा गया है।
ऐसा होगा मार्केट कमेटी का स्ट्रक्चर
मार्केट कमेटी में 9 प्रोड्यूसरों को शामिल किया जाएगा। इसमें एक ग्रेन मार्केट से, एक सब्जी मंडी, एक सदस्य तोला (पल्लेदार), एक कोआपरेटिव सोसायटी सदस्य को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पांच जमींदारों को शामिल किया जाएगा। यह नौ प्रोड्यूसर मार्केट कमेटी के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव करेंगे।
यूटी में कौन होता है जमींदार
यूटी प्रशासन में जमींदार (प्रोड्यूसर) उसको कहा गया है जिसके पास यूटी प्रशासन के क्षेत्र के अंतर्गत जमीन हो। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मार्केट कमेटी में किसानों की समस्याओं को वह बखूबी समझकर दूर करने का प्रयास करे।

क्यों जमीदार की पड़ी जरूरत
वर्ष 2018 में गांवों को म्युनिसिपल कारपोरेशन में मिलाने के यूटी प्रशासन ने ऑर्डर किए थे। यूटी क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण व्यवस्था खत्म हो जाने के बाद मार्केट कमेटी में डायरेक्टरों का चुनाव करने वाले सरपंच और पंच के पद भी समाप्त हो गए। इसके बाद अब यूटी प्रशासन उन लोगों को यह जिम्मेदारी देगा जिनके पास यूटी के अंतर्गत भूभाग होगा
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