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Chandigarh News: चंडीगढ़ के दो स्कूलों के बच्चों ने त्रिपुरा और नेपाल के विद्यार्थियों से किया संवाद
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चंडीगढ़। शहर की स्वयंसेवी संस्था युवसत्ता ने बुधवार को ऑनलाइन इवेंट ‘राइजिंग साउथ एशियन स्टार्स’ लांच किया। इसमें शहर के दो स्कूलों सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास को त्रिपुरा के ब्रिलियंट स्टार्स स्कूल और नेपाल के दो स्कूलों ज्ञान बगाइचा इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल, शेराटोले और नोबल एकेडमी स्कूल के साथ संवाद किया। इसका मकसद छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दे समझने के लिए मंच प्रदान करना है।
दिल्ली स्टेट फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन रमेश नेगी और ग्लोबल पीस फाउंडेशन, यूएसए के सीनियर एडवाइजर डॉ. मार्कंडेय राय भी कार्यक्रम में शामिल हुए। युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा यह समझने में महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग लोग अपने आसपास की दुनिया को कैसे देखते हैं, जिससे हम जलवायु परिवर्तन या प्रदूषण जैसे भविष्य के मुद्दों पर असहमति या संघर्ष के बिना एक साथ काम कर सकें। डॉ. मार्कंडेय राय ने कहा कि यदि हमारे स्टूडेंट्स अपने कंफर्ट जोन में रहते हुए इस तरह के प्रयासों में भाग नहीं लेंगे तो वे कभी नहीं जान पाएंगे कि वे जहां रहते हैं, उसके बाहर भी एक दुनिया है। सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल मोनिका चावला ने कहा कि इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के साथ सहयोगी शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने से शिक्षकों को स्टूडेंट्स में लाइफ स्किल्स और महत्वपूर्ण थिंकिंग स्किल्स विकसित करने में मदद मिलेगी।
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दिल्ली स्टेट फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन रमेश नेगी और ग्लोबल पीस फाउंडेशन, यूएसए के सीनियर एडवाइजर डॉ. मार्कंडेय राय भी कार्यक्रम में शामिल हुए। युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा यह समझने में महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग लोग अपने आसपास की दुनिया को कैसे देखते हैं, जिससे हम जलवायु परिवर्तन या प्रदूषण जैसे भविष्य के मुद्दों पर असहमति या संघर्ष के बिना एक साथ काम कर सकें। डॉ. मार्कंडेय राय ने कहा कि यदि हमारे स्टूडेंट्स अपने कंफर्ट जोन में रहते हुए इस तरह के प्रयासों में भाग नहीं लेंगे तो वे कभी नहीं जान पाएंगे कि वे जहां रहते हैं, उसके बाहर भी एक दुनिया है। सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल मोनिका चावला ने कहा कि इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के साथ सहयोगी शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने से शिक्षकों को स्टूडेंट्स में लाइफ स्किल्स और महत्वपूर्ण थिंकिंग स्किल्स विकसित करने में मदद मिलेगी।
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