Jalandhar: कैंसर पीड़ित बच्चे को ठीक करने की बात कही, 65 हजार ठगने का आरोप, चर्च में प्रार्थना के वक्त ही मौत
चर्च में हंगामे की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना लांबड़ां की पुलिस ने पीड़ित परिजनों की मदद के बजाय गाड़ी कर दिल्ली भिजवा दिया। जब थाना लांबड़ा प्रभारी से बात की तो उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी मौके पर गए थे लेकिन परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी।
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विज्ञापन देखकर जालंधर की ताजपुर (खुरला किंगरा, लांबड़ा) स्थित चर्च में कैंसर की अंतिम स्टेज में पहुंचे बच्चे के परिजनों से इलाज के नाम पर पैसे ठगने के आरोप लगे हैं। जहां पादरी ने ब्रेन ट्यूमर को प्रार्थना से ठीक करने की एवज में 65 हजार रुपये ठग लिए, जबकि परिजनों को एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था कि बच्चा कैंसर की अंतिम स्टेज पर है और बचना मुश्किल है।
विज्ञापन देखकर बच्चे का इलाज करवाने आया दिल्ली के नांगलोई के परिवार का बच्चा भी नहीं रहा और पैसे भी हड़प लिया। प्रार्थना के दौरान ही बच्चे ने चर्च में प्रार्थना के दौरान ही दम तोड़ दिया। घटना रविवार देर रात की है, जब बच्चे की मौत हुई तो परिजनों ने जमकर हंगामा किया। दिल्ली के नांगलोई परिवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने चर्च का विज्ञापन देखा था, जिसमें मरे हुए बच्चों को भी ठीक किया जा रहा था।
इसके बाद वह अपने बच्चे को लेकर चर्च पहुंचे। चर्च में पादरी बरजिंद्र ने कहा कि इलाज संभव है। मगर विशेष प्रार्थना करनी पड़ेगी और खर्च 15000 का खर्च आएगा। उन्होंने 15 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी बच्चा ठीक नहीं हुआ तो वह दोबारा पादरी के पास पहुंचे और बताया कि बच्चे की सेहत में सुधार नहीं हुआ।
पादरी ने फिर विशेष बड़ी प्रार्थना करने की बात कही। जब परिवार ने हामी भरी तो पादरी ने बताया कि इसका खर्च ज्यादा है और 50 हजार रुपये लगेंगे। परिवार ने पादरी को 50000 रुपये भी दे दिए लेकिन ताजपुर चर्च में प्रार्थना के दौरान ही बच्चे ने अपने प्राण त्याग दिए। कैंसर की अंतिम स्टेज पर चल रहे बच्चे को पादरी ने प्रार्थना से ठीक करने का दावा किया था।
पुलिस ने मदद के बजाय दिल्ली भेजा परिवार, प्रधान बोले- जो हम कहेंगे, पुलिस वही करेगी
चर्च में हंगामे की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना लांबड़ां की पुलिस ने पीड़ित परिजनों की मदद के बजाय गाड़ी कर दिल्ली भिजवा दिया। जब थाना लांबड़ा प्रभारी से बात की तो उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी मौके पर गए थे लेकिन परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी।
इसके बाद शव को दिल्ली ले जाने का इंतजाम किया गया। उधर, चर्च के प्रधान अवतार सिंह से जब बात करने का कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने के बजाय पत्रकारों को सरेआम धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि अगर किसी ने खबर की तो वह उसे देख लेंगे। जो हम कहेंगे पुलिस वही करेगी।