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केमिकल निकोटिन पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में बैन, सख्ती से हो आदेश का पालनः हाईकोर्ट

Fri, 21 Feb 2020 12:20 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 21 Feb 2020 12:20 PM IST
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Chemical Nicotine Ban in Punjab, Haryana and Chandigarh, High Court
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ द्वारा केमिकल निकोटीन पर बैन की जानकारी देने के बाद इसको लेकर दाखिल जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने तीनों की टास्क फोर्स को सख्ती से बैन के आदेश का पालन करवाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट में इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौर में हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा, पंजाब और यूटी में निकोटीन को प्रतिबंधित कर दिया गया।
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नोटिफिकेशन के अनुसार कुदरती निकोटीन बेचना और खरीदना अपराध की श्रेणी से बाहर रखा गया है, केवल केमिकल निकोटीन के सीधे प्रयोग को ही अपराध की श्रेणी में रखा गया है। तीनों ने बताया कि ई-सिगरेट, हुक्के में केमिकल तंबाकू व अन्य प्रकार से केमिकल निकोटीन लेना अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता हेमंत गोस्वामी ने बताया कि निकोटीन केवल इंसान के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों और कीडे मकोड़ों के लिए भी खतरनाक होता है।
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इसे पूर्व में पेस्टीसाइड (कीडे़ मारने की दवा) की श्रेणी में रखा गया था, परंतु घातक प्रभाव को देखते हुए इसे बैन कर दिया गया था। इसके खतरनाक होने की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निकोटीन की 30 मिग्रा की सीधी मात्रा एक व्यक्ति की मौत के लिए काफी होती है और एक ग्राम निकोटीन 30 लोगों की जान ले सकती है। ऐसे में केमिकल निकोटीन को परोसे जाने पर सख्ती से प्रतिबंध पर अमल करने की जरूरत है।
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हाईकोर्ट ने ही हरियाणा, पंजाब और यूटी में पहले केमिकल निकोटीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए टास्क फोर्स बनाने को कहा था। इसके बाद फोर्स बनाकर केमिकल निकोटीन बेचने वालों पर लगाम लगाने का तीनों ने दावा किया है और कहा है कि ऐसे लोगों पर आईपीसी की धारा 284 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
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