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CHB की बड़ी राहत, सोसायटी के फ्लैट धारकों को मिलेगा मालिकाना हक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:31 PM IST
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सीएचबी
- फोटो : DEMO Pics
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चंडीगढ़ की निजी हाउसिंग कोआपरेटिव सोसायटी में रहने वाले हजारों परिवारों को प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। अब उन्हें पक्के तौर पर मालिकाना हक मिल जाएगा। इसके लिए प्रशासन और हाउसिंग बोर्ड ने पहला कदम चल दिया है।
सीएचबी ने शुक्रवार को सोसायटी जमीन की कन्वेंस डीड करने का निर्णय ले लिया है। साथ ही हाउसिंग बोर्ड जमीन के एरिया वाइज कन्वेंस डीड को करवाने की प्रक्रिया का रेट भी तय कर दिया है। इस समय शहर में 103 निजी सोसायटी हैं। इनमें रहने वाले लोग लंबे समय से मालिकाना हक की मांग कर रहे थे।
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार दो मार्च को ही वित्त विभाग ने इस मामले को स्पष्ट करते हुए सोसाइटी की जमीन की कन्वेंस डीड करने की मंजूरी दी है। जबकि स्टांप और रजिस्ट्रेशन फीस अलग से चार्ज की जाएगी। सोसाइटी को अलग अलग समय पर जमीन अलॉट हुई है। इस समय दक्षिणी सेक्टरों की सोसाइटी के भीतर जो फ्लैट है वह जीपीए पर बिके हुए हैं जिस कारण जीपीए धारक को आगे फ्लैट बेचने में काफी मुश्किल होती है। अगर इन फ्लैट्स की अलग से रजिस्ट्ररी हो जाए तो इनकी कीमत में भी इजाफा हो जाएगा। इस समय 40 प्रतिशत लोग ऐसे है जिन्होंने जीपीए पर फ्लैट खरीदा है लेकिन वह अपने नाम पर फ्लैट नहीं करवा पाए हैं।
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सीएचबी ने शुक्रवार को सोसायटी जमीन की कन्वेंस डीड करने का निर्णय ले लिया है। साथ ही हाउसिंग बोर्ड जमीन के एरिया वाइज कन्वेंस डीड को करवाने की प्रक्रिया का रेट भी तय कर दिया है। इस समय शहर में 103 निजी सोसायटी हैं। इनमें रहने वाले लोग लंबे समय से मालिकाना हक की मांग कर रहे थे।
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हाउसिंग बोर्ड के अनुसार दो मार्च को ही वित्त विभाग ने इस मामले को स्पष्ट करते हुए सोसाइटी की जमीन की कन्वेंस डीड करने की मंजूरी दी है। जबकि स्टांप और रजिस्ट्रेशन फीस अलग से चार्ज की जाएगी। सोसाइटी को अलग अलग समय पर जमीन अलॉट हुई है। इस समय दक्षिणी सेक्टरों की सोसाइटी के भीतर जो फ्लैट है वह जीपीए पर बिके हुए हैं जिस कारण जीपीए धारक को आगे फ्लैट बेचने में काफी मुश्किल होती है। अगर इन फ्लैट्स की अलग से रजिस्ट्ररी हो जाए तो इनकी कीमत में भी इजाफा हो जाएगा। इस समय 40 प्रतिशत लोग ऐसे है जिन्होंने जीपीए पर फ्लैट खरीदा है लेकिन वह अपने नाम पर फ्लैट नहीं करवा पाए हैं।
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यह लगेगी प्रोसेसिंग फीस
chandigarh housing board
- फोटो : File Photo
एरिया प्रोसेसिंग फीस
1 से 10 हजार वर्ग गज 10 हजार
10 से 20 हजार वर्ग गज 20 हजार
20 हजार से ज्यादा 30 हजार
निगम बुनियादी सुविधाएं नहीं करवाता है उपलब्ध
निजी सोसायटी में रहने वालों के साथ प्रशासन पहले से ही सौतेला व्यवहार कर रहा है। सोसायटी के अंदर सड़क और पार्क का रखरखाव करवाने का खर्च यहां रहने वाले को ही उठाना पड़ता है। सेक्टर-48 से लेकर 51 तक कई निजी सोसायटियां है। हालांकि नगर निगम सोसायटियों के भीतर विकास करने का प्रस्ताव पास कर चुका है लेकिन प्रशासन इस पर मंजूरी नहीं दे रहा है।
निजी सोसायटियों की कन्वेंस डीड होने के बाद लोग निजी तौर पर अपने फ्लैट्स ट्रांसफर करवा पाएंगे। उसके बाद हर धारक अपने फ्लैट की अलग से डीड करवा पाएंगे।।
मनिंदर बैंस, चेयरमैन, सीएचबी
1 से 10 हजार वर्ग गज 10 हजार
10 से 20 हजार वर्ग गज 20 हजार
20 हजार से ज्यादा 30 हजार
निगम बुनियादी सुविधाएं नहीं करवाता है उपलब्ध
निजी सोसायटी में रहने वालों के साथ प्रशासन पहले से ही सौतेला व्यवहार कर रहा है। सोसायटी के अंदर सड़क और पार्क का रखरखाव करवाने का खर्च यहां रहने वाले को ही उठाना पड़ता है। सेक्टर-48 से लेकर 51 तक कई निजी सोसायटियां है। हालांकि नगर निगम सोसायटियों के भीतर विकास करने का प्रस्ताव पास कर चुका है लेकिन प्रशासन इस पर मंजूरी नहीं दे रहा है।
निजी सोसायटियों की कन्वेंस डीड होने के बाद लोग निजी तौर पर अपने फ्लैट्स ट्रांसफर करवा पाएंगे। उसके बाद हर धारक अपने फ्लैट की अलग से डीड करवा पाएंगे।।
मनिंदर बैंस, चेयरमैन, सीएचबी