29 साल पुराने अपहरण व हत्या मामले में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
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आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के 29 साल पुराने अपहरण और हत्या मामले में जिला पुलिस ने अदालत में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया। इसमें पूर्व डीजीपी पर हत्या, अपहरण, सुबूत मिटाने, गलत तरीके से कैद में रखने, सरकारी पद का गलत इस्तेमाल समेत कई आरोप लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की कहानी भी किसी एंगल पर अदालत में कमजोर न पड़े, इसके लिए 47 गवाह बनाए गए हैं। साथ ही सैनी को 22 जनवरी तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक वर्ष-1991 के इस मामले को लेकर पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ कोरोना काल में मटौर थाने में केस दर्ज कराया गया था। इसी मामले में जांच कर रही पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने आरोपपत्र दायर किया गया है। भले ही यह मामला पुराना है लेकिन इस मामले में जो लोग सरकारी गवाह बनाए गए हैं, उनके बयानों पर और जांच के आधार पर पुलिस ने 500 पेज का आरोपपत्र तैयार किया है। वहीं, एसआईटी ने चंडीगढ़ के पूर्व इंस्पेक्टर जागीर सिंह और थानेदार कुलदीप सिंह को सरकारी गवाह बनाया है। जबकि पूर्व इंस्पेक्टर अनोख सिंह और सब इंस्पेक्टर हरराय शर्मा को बेगुनाह बताया है।
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इस मामले में नामजद पूर्व डीएसपी बलदेव सिंह सैनी और इंस्पेक्टर सतबीर सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। भले ही इस मामले में पूर्व डीएसपी केआईपी सिंह को मामले में नामजद कर लिया गया है लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर 15 जनवरी 2021 तक रोक लगा दी है। उक्त डीएसपी कनाडा गए हुए हैं और नौ जनवरी को देश लौटेंगे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सैनी अभी तक न तो इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश हुए हैं और न ही उन्होंने अदालत में बांड ही भरा है। कानून विशेषज्ञों के मुताबिक चार्जशीट दाखिल होने के बाद कभी भी जमानती बांड भर सकते हैं।
1991 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था बलवंत सिंह मुल्तानी को
यह मामला वर्ष-1991 का है। उस समय सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे। 1991 में उनके ऊपर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिसकर्मी मारे गए थे, जबकि सैनी जख्मी हो गए थे। इस केस के संबंध में पुलिस ने सैनी के आदेश पर पूर्व आईएएस अधिकारी दर्शन सिंह मुल्तानी के सीटीयू में तैनात इंजीनियर बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला।
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यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट तक गया था। हालांकि कुछ साल पहले पंजाब पुलिस के एक बर्खास्त अधिकारी ने एक मैगजीन को साक्षात्कार दिया था। इस साक्षात्कार में उन्होंने बलवंत सिंह मुल्तानी का जिक्र किया था। इसके बाद मुल्तानी के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी थी, इसके साथ ही पुलिस ने केस दर्ज किया था।