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'घर' की याद : पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी से अलग होना चाहते हैं हरीश रावत
Mon, 07 Jun 2021 04:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 07 Jun 2021 04:28 AM IST
सार
- गृह राज्य उत्तराखंड की सता रही चिंता, हाईकमान को बताएंगे अपनी मंशा
- रावत ने पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह इस सप्ताह सुलझने की जताई उम्मीद
- सोनिया से मुलाकात के दौरान पंजाब के नए प्रभारी की नियुक्ति का करेंगे आग्रह
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हरीश रावत
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह सुलझने के किनारे आने के बाद अब राज्य प्रभारी हरीश रावत पंजाब की जिम्मेदारी से अलग होना चाहते हैं। उनका मानना है कि 2022 में उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में गृह राज्य में उनकी जरूरत ज्यादा है। अपनी इस मंशा को वह जल्द ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से भी अवगत कराने जा रहे हैं। पंजाब से अलग होने के पीछे एक वजह कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की कलह को भी माना जा रहा है।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब के पार्टी प्रभारी हरीश रावत इन दिनों दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस की अंतर्कलह को सुलझाने में लगे हैं। इसी वजह से वह अपने गृह राज्य उत्तराखंड पर अधिक ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, जबकि पंजाब के साथ ही उत्तराखंड भी कांग्रेस आलाकमान के लिए महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में वह अब उत्तराखंड में कांग्रेस को मजबूत आधार देने के लिए अधिक समय देना चाहते हैं।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार हरीश रावत अब पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर गृह राज्य में अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। इसके संकेत उन्होंने आलाकमान को भी दे दिए हैं। अब यह कहा जा रहा है कि उनकी मंशा को और उत्तराखंड के चुनाव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व भी पंजाब के लिए नए प्रभारी की तलाश में लग गया है। हालांकि पंजाब की सियासत के साथ ही 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व हरीश जैसे ही जाने पहचाने चेहरे को यह जिम्मेदारी देना चाहता है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही दिल्ली में हरीश रावत, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे।
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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री का हो सकते हैं चेहरा
उत्तराखंड में 2022 में होने वाले चुनाव में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व हरीश रावत को मुख्यमंत्री का चेहरा भी बना सकता है। हालांकि यह कहना और करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि उत्तराखंड में भी हरीश का विरोधी खेमा चुनाव की नजदीकियों को देखते हुए संगठन में सक्रिय होकर कार्य कर रहा है।
सितंबर 2020 में बने थे पंजाब प्रभारी
कांग्रेस आलाकमान द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत को सितंबर 2020 में पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया था। इस समय के दौरान उन्होंने पंजाब में पार्टी कलह को काफी हद तक संभालने का काम किया। इसके साथ ही कैप्टन और सिद्धू के बीच की दूरियां भी कम करने के लिए डिनर डिप्लोमेसी का प्रयोग किया।
चुनाव की दृष्टि से पंजाब के साथ उत्तराखंड भी कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहां पार्टी पिछले कुछ दिन के दौरान काफी मजबूत हुई है। इसके बाद भी वहां अधिक मेहनत की जरूरत है। गृह राज्य होने के कारण वहां के लिए जिम्मेदारी अधिक बनती है, लेकिन वहां जाने को लेकर जो भी फैसला होगा वह केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।
- हरीश रावत, राज्य प्रभारी, पंजाब