{"_id":"5e2b0f988ebc3e8d4304839a","slug":"chandigarh-won-match-with-help-of-captain-lubana-and-taranpreet-355-runs-partnership-chandigarh-news-pkl3642181115","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुबाना और तरनप्रीत की 355 रन की साझेदारी से जीता चंडीगढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुबाना और तरनप्रीत की 355 रन की साझेदारी से जीता चंडीगढ़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। कप्तान अमृत लुबाना के नाबाद दोहरे शतक और शतकवीर सलामी बल्लेबाल तरनप्रीत के साथ रची 355 रनों की साझेदारी ने सिक्किम के खिलाफ लगभग हार का सामना कर रहे चंडीगढ़ को आठ विकेट से विजयी बनाया। भुवनेश्वर में खेली जा रही कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के मैच में चंडीगढ़ की टीम पहली पारी में सिक्किम के 231 रनों के जवाब में 173 पर ढेर हो गई थी। सिक्किम ने दूसरी पारी में 382 रन बना कर चंडीगढ़ को जीत के लिए 441 रन का लक्ष्य दिया जिसे कप्तान लुबाना और तरनप्रीत ने बेहतरीन पारी खेलकर पूरा किया। इस मैच को जीतकर 6 अंक प्राप्त कर चंडीगढ़ 29 अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ का अगला मुकाबला सेक्टर 26 स्थित जीएमएमएस स्कूल में 29 जनवरी को ओडिशा के खिलाफ खिलेगी।
सिक्किम ने शुक्रवार को सात विकेट के नुकसान पर 369 रन से आगे खेलना शुरू किया। इसके बाद सात ओवर में 13 रन और जोड़कर पूरी टीम 382 रन पर ढेर हो गई। बल्लेबाज मोहम्मद शाहबाज शतक जमाकर दिन का पहला शिकार हुए। इसके बाद शिवांग सैनी ने दिनेश को एक रन पर आउट करके पारी में अपना पांचवां विकेट लिया। पारी का अंतिम विकेट मनदीप सिंह ने लिया। उन्होंने मोहम्मद सप्तुला को सात रन पर आउट किया। इसके बाद चंडीगढ़ को 81 ओवरों में 441 रन का लक्ष्य मिला।
दूसरी पारी खेलने उतरी चंडीगढ़ की टीम के सलामी बल्लेबाजों ने पारी की शुरुआत की और 55 रन जोड़े। मैच के 13वें ओवर में पार्थ ने तुषार जोशी को 25 और आयुष सिक्का को 10 रन पर आउट कर दिया। तब चंडीगढ़ का स्कोर 2 विकेट पर 86 रन था और उस समय टीम पर हार के बादल मंडराने शुरू हो गए थे। इसके बाद टीम के कप्तान अमृत लुबाना पिच पर उतरे और सलामी बल्लेबाज तरनप्रीत सिंह के साथ न केवल पारी को संभालते नजर आये बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। लंच के बाद तरनप्रीत ने 142 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। वहीं 95 गेंदों में लुबाना ने शतक जड़ा। इसके बाद दोनों ने लगभग एक साथ अपने-अपने 150 रन पूरा किए। पारी के 69वें ओवर तक दोनों बल्लेबाजों ने सधी हुए बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 400 रन के पार लगाया। अभी चंडीगढ़ के पास 12 ओवर और आठ विकेट शेष थे। चंडीगढ़ की जीत पक्की लग रही थी कि इस बीच कप्तान लुबाना नेे दोहरा शतक जड़ डाला। करीब दस ओवर शेष रहते चंडीगढ़ ने दो विकेट के नुकसान पर 441 रन बनाकर मैच आठ विकेट से जीत लिया। वहीं नाबाद रहे तरनप्रीत 195 बनाते हुए दोहरे शतक से चूक गए।
विज्ञापन
कप्तान, तरनप्रीत और गेंदबाजों के बढ़िया प्रदर्शन से मिली जीत
टीम के कोच अमित उनियाल ने बताया कि बीती रात गेम प्लान के तहत चंडीगढ़ को हर हाल में यह मैच जीतना था। प्लान के अनुसार चंडीगढ़ को पहले सत्र तक विकेट बचाकर बाद के सत्र में तेजी से रन बनाने थे। इसे कप्तान लुबाना और तरनप्रीत ने बाखूबी अंजाम दिया। वहीं गेंदबाजों ने भी बढ़िया प्रदर्शन करते हुए दिन के सात ओवर में ही सिक्किम को समेट दिया। इस जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है और वे पूरी तरह आश्वस्त है कि टीम आने वाले मैच मेें बड़े अंतर से जीतेगी।
विज्ञापन
सिक्किम ने शुक्रवार को सात विकेट के नुकसान पर 369 रन से आगे खेलना शुरू किया। इसके बाद सात ओवर में 13 रन और जोड़कर पूरी टीम 382 रन पर ढेर हो गई। बल्लेबाज मोहम्मद शाहबाज शतक जमाकर दिन का पहला शिकार हुए। इसके बाद शिवांग सैनी ने दिनेश को एक रन पर आउट करके पारी में अपना पांचवां विकेट लिया। पारी का अंतिम विकेट मनदीप सिंह ने लिया। उन्होंने मोहम्मद सप्तुला को सात रन पर आउट किया। इसके बाद चंडीगढ़ को 81 ओवरों में 441 रन का लक्ष्य मिला।
विज्ञापन
दूसरी पारी खेलने उतरी चंडीगढ़ की टीम के सलामी बल्लेबाजों ने पारी की शुरुआत की और 55 रन जोड़े। मैच के 13वें ओवर में पार्थ ने तुषार जोशी को 25 और आयुष सिक्का को 10 रन पर आउट कर दिया। तब चंडीगढ़ का स्कोर 2 विकेट पर 86 रन था और उस समय टीम पर हार के बादल मंडराने शुरू हो गए थे। इसके बाद टीम के कप्तान अमृत लुबाना पिच पर उतरे और सलामी बल्लेबाज तरनप्रीत सिंह के साथ न केवल पारी को संभालते नजर आये बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। लंच के बाद तरनप्रीत ने 142 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। वहीं 95 गेंदों में लुबाना ने शतक जड़ा। इसके बाद दोनों ने लगभग एक साथ अपने-अपने 150 रन पूरा किए। पारी के 69वें ओवर तक दोनों बल्लेबाजों ने सधी हुए बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 400 रन के पार लगाया। अभी चंडीगढ़ के पास 12 ओवर और आठ विकेट शेष थे। चंडीगढ़ की जीत पक्की लग रही थी कि इस बीच कप्तान लुबाना नेे दोहरा शतक जड़ डाला। करीब दस ओवर शेष रहते चंडीगढ़ ने दो विकेट के नुकसान पर 441 रन बनाकर मैच आठ विकेट से जीत लिया। वहीं नाबाद रहे तरनप्रीत 195 बनाते हुए दोहरे शतक से चूक गए।
विज्ञापन
कप्तान, तरनप्रीत और गेंदबाजों के बढ़िया प्रदर्शन से मिली जीत
टीम के कोच अमित उनियाल ने बताया कि बीती रात गेम प्लान के तहत चंडीगढ़ को हर हाल में यह मैच जीतना था। प्लान के अनुसार चंडीगढ़ को पहले सत्र तक विकेट बचाकर बाद के सत्र में तेजी से रन बनाने थे। इसे कप्तान लुबाना और तरनप्रीत ने बाखूबी अंजाम दिया। वहीं गेंदबाजों ने भी बढ़िया प्रदर्शन करते हुए दिन के सात ओवर में ही सिक्किम को समेट दिया। इस जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है और वे पूरी तरह आश्वस्त है कि टीम आने वाले मैच मेें बड़े अंतर से जीतेगी।