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Chandigarh: पीजीआई में सेहत से खिलवाड़, ऊपर बन रहा मरीजों के लिए खाना, नीचे डंप हो रहा बायोमेडिकल वेस्ट

Tue, 30 May 2023 03:19 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 30 May 2023 03:19 PM IST
सार

जिस जगह पर बायो मेडिकल डंप कर उसका सैग्रीगेट यानी पृथकीकरण किया जा रहा है, उसके आसपास कई ऐसे यूनिट स्थित हैं जहां बेहद गंभीर मरीजों का इलाज हो रहा है। इसमें रिनल ट्रांसप्लांट वार्ड, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शामिल है।

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Chandigarh PGI openly ignoring standards for disposal of bio-medical waste
पीजीआई में बायो मेडिकल वेस्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई में इन दिनों मरीजों के साथ ही कर्मचारियों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है। स्थिति यह है कि नेहरू अस्पताल के मुख्य स्टोर के पास खाली जगह में बायो मेडिकल वेस्ट डंप किया जा रहा है।
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चौंकाने वाली बात है कि देश के श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान में शीर्ष पर शुमार पीजीआई बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के मानकों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है। इससे वहां इलाज करा रहे भर्ती मरीजों के साथ कर्मचारियों की सेहत भी खतरे में है। ऐसा तब हो रहा है जब डंपिंग वाले एरिया से उच्चाधिकारियों का हर वक्त आना-जाना हो रहा है। 
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आलम यह है कि ग्राउंड फ्लोर पर जिस जगह पर बायो मेडिकल वेस्ट डंप किया जा रहा है ठीक इसके ऊपर चौथी मंजिल पर मरीजों के लिए खाना तैयार होता है। किचन की खिड़की डंप वाले एरिया की ओर खुलती है। ऐसे में वहां बन रहा खाना मरीजों की बीमारी और बढ़ा सकता है। किचन का स्टोर ग्राउंड फ्लोर पर ही है। उसका दरवाजा डंपिंग एरिया के सामने खुलता है। पीजीआई के कर्मचारियों का कहना है कि देशभर के मरीजों का इलाज करने वाले संस्थान में संक्रमण को लेकर अनदेखी की जा रही हैं। मरीजों के साथ कर्मचारियों की सेहत भी खतरे में है।
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गंभीर मरीजों की भी चिंता नहीं
जिस जगह पर बायो मेडिकल डंप कर उसका सैग्रीगेट यानी पृथकीकरण किया जा रहा है, उसके आसपास कई ऐसे यूनिट स्थित हैं जहां बेहद गंभीर मरीजों का इलाज हो रहा है। इसमें रिनल ट्रांसप्लांट वार्ड, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शामिल है। गौरतलब है कि इन वार्डों में भर्ती मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम होती है। ऐसे में बायो मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आकर वे संक्रमण के शिकार हो सकते हैं।


पीजीआई की दलील
नगर निगम ने रविवार को अलग किए गए ठोस कचरे को लेना बंद कर दिया है। वहीं ड्राइवरों के साप्ताहिक अवकाश के कारण शनिवार और रविवार को केवल एक कचरा वैन चलती है। ऐसे में सोमवार को नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की लंबी कतार थी। इस कारण पीजीआई की गारबेज वैन वहां चार से पांच ट्रिप के मुकाबले सिर्फ एक ट्रिप ही कर पाई। इसके साथ ही डंपिंग ग्राउंड में दोपहर 3 बजे के बाद कचरा डालने की अनुमति नहीं है जबकि पीजीआई में 24 घंटे बायो मेडिकल वेस्ट निकल रहा है।

 
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