चंडीगढ़: केंद्र के प्रस्ताव पर पीजीआई ने नहीं दिया ध्यान, अब ऑक्सीजन का संकट गहराया
केंद्र सरकार की ओर से सितंबर 2020 में पीजीआई प्रशासन से ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा था लेकिन पीजीआई प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
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चंडीगढ़ पीजीआई ने समय रहते केंद्र सरकार के दिशा निर्देश माने होते तो आज चंडीगढ़ को ऑक्सीजन के लिए मोहताज नहीं होना पड़ता। पीजीआई कभी यूटी प्रशासन तो कभी केंद्र सरकार से गुहार लगा रहा है। पीजीआई की अनदेखी के कारण आज मरीजों की सांसों पर संकट आ गया है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से सितंबर 2020 में पीजीआई प्रशासन से ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा था लेकिन पीजीआई प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके लिए पीजीआई को सिर्फ जमीन मुहैया करनी थी। प्लांट लगाने में पूरी रकम केंद्र सरकार को खर्च करनी थी।
पीजीआई प्लांट के लिए जमीन का ही इंतजाम नहीं कर सका। इसके बाद कोरोना काल में मार्च 2021 में भी केंद्र की ओर से दोबारा प्रस्ताव मांगा गया। इस बार भी पीजीआई प्रशासन ने इसकी अनदेखी कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि अब जब मरीजों की सांसों पर संकट आया तो पीजीआई ऑक्सीजन के लिए दर दर भटक रहा है। दूसरी ओर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार की बात मानते हुए समय रहते प्रस्ताव भेजकर स्थिति को अपने पक्ष में कर लिया। अपनी दूरदर्शिता के बल पर वह आज सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन मुहैया करा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा 35 से 40 प्रतिशत की बचत
ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लग जाने से जीएमएसएच 16, जीएमसीएच 32 व सेक्टर 48 के अस्पताल में 30 से 40 प्रतिशत तक लिक्विड ऑक्सीजन की बचत शुरू हो गई है। इन 3 अस्पतालों में चल रहे ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट की मदद से स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के साथ ही शहर के निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने दे रहा। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच 16 की आईसीयू में दो और बेड बढ़ा दिए हैं। आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रखते हुए 2 ऑक्सीजन बेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
एक मिनट में डेढ़ हजार लीटर से ज्यादा की आपूर्ति सुनिश्चित
तीनों अस्पतालों में लगाए गए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की मदद से 1 मिनट में डेढ़ हजार से ज्यादा लीटर ऑक्सीजन प्राप्त की जा सकती है। स्टेट ऑक्सीजन नोडल अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि जीएमएसएच 16 में इस प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट, जीएमसीएच 32 में एक हजार व 48 कोविड अस्पताल में 100 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जनरेट की जा रही है। ऐसे में 1 मिनट में लगभग डेढ़ हजार से ज्यादा लीटर ऑक्सीजन प्राप्त करनी शुरू कर दी है।
तीन और प्लांट लगाने का भेजा प्रस्ताव
पीजीआई में ऑक्सीजन की उपलब्धता और खपत
पीजीआई प्रशासन के अनुसार मौजूदा समय में वहां प्रतिदिन 22 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। इसके अलावा प्रतिदिन 50 से 60 डी प्रकार के सिलिंडर और साठ से सत्तर बी प्रकार के सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा है। वही पीजीआई में 44 केएल क्षमता के चार तरल ऑक्सीजन भंडारण टैंक हैं। इसके अतिरिक्त बैकअप के लिए भी अलग-अलग क्षमता के ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई गई है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि पीजीआई हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से ऑक्सीजन लेने के लिए प्रयास नहीं कर रहा जबकि पंजाब के गोबिंदगढ़ में रीफिलिंग को लेकर चल रहा विवाद दूर कर लिया गया है।
ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की स्थापना के लिए पीजीआई ने भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है जल्द ही इसकी स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। -डॉ़ अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता