चंडीगढ़: नगर निगम का घेराव करने जा रहे सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने रोका, हड़ताल भी शुरू
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चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर निगम दफ्तर का घेराव करने पहुंचे लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान सफाई कार्यचारियों ने मेयर और चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला भी फूंका। शनिवार से सफाई कर्मचारी शहर में हड़ताल में रहेंगे।
कल से सफाई व्यवस्था हो जाएगी ठप
शनिवार से सफाई-व्यवस्था चंडीगढ़ में ठप हो जाएगी। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करेंगे। बताया जा रहा है कि घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारी भी निगम कर्मियों के समर्थन में उतर आए हैं।
स्मार्ट घड़ी का हो रहा है विरोध
यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा ने कहा कि स्मार्ट घड़ियों से बंधुआ मजदूर जैसा अनुभव होता है। कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए यह घड़ी उन्हें पहनाई जा रही है। घर-घर से कचरा उठाने वाली एसोसिएशन के समर्थन से शहर के रेजिडेंशियल एरिया से कचरा भी नहीं उठेगा।
इससे पहले एक दिन के लिए काम छोड़ हड़ताल और रोष प्रदर्शन 15 अक्तूबर को नगर निगम कार्यालय के सामने किया गया था लेकिन नगर निगम के अधिकारियों और कमिश्नर ने यूनियन के साथ कोई बैठक नहीं की। ऐसे में 17 अक्तूबर को यूनियन की एक बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 23 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि इस हड़ताल में ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मचारी भी उनका साथ देंगे। अध्यक्ष का कहना है कि डेलीवेज कर्मचारियों को पक्का करने के अलावा उन्हें समान वेतन देने की मांग भी की जा रही है। उनका कहना है कि ठेकेदार के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को नगर निगम के अधीन किया जाए। निगम में सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
2 लाख 10 हजार घर से कचरा लेते हैं कर्मचारी
निगम के अनुसार घर-घर से कचरा लेने वाली एसोसिएशन 2 लाख 10 हजार घरों से कचरा उठाती है। हालांकि, एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश सैनी के अनुसार ढाई लाख से ज्यादा घरों से एसोसिएशन कचरा उठाती है। गांव में जहां गाड़ी नहीं जा पाती है, वहां से भी एसोसिएशन ही कचरा उठाती है।