{"_id":"e02f01e6384f735bffbadce7f9d965c7","slug":"chandigarh-museaum-artist-vishal-interview","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलिए, चंडीगढ़ म्यूजियम के कलाकार विशाल से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलिए, चंडीगढ़ म्यूजियम के कलाकार विशाल से
शंकर सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 May 2014 01:43 PM IST
विज्ञापन
गंधारा स्कल्पचर, मथुरा स्कल्पचर जो अब तक म्यूजियम में मिलती हैं। लेकिन, शहर के बहुत कम लोग यह जानते है कि इनके रेप्लिका भी म्यूजियम में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत मात्र कुछ रुपये है।
विज्ञापन
बुधवार को अमर उजाला ने म्यूजियम के कलाकार विशाल से खास बातचीत में जाना कि कितना मुश्किल कार्य होता है रेप्लिका और वह कैसे इसे अंजाम देते हैं।
विशाल ने बताया कि 2009 में म्यूजियम ने स्कल्पचर्स के रेपिल्का बनाने की अनुमति दी थी। वह कहते है कि पहले म्यूजियम लाहौर में था, जिसे बाद में चंडीगढ़ में शिफ्ट किया गया। इस दौरान कई स्कलपचर्स कई जगह से टूट गए थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रेप्लिका बनाते वक्त कई तरह की परेशानियां आती हैं। यह स्कल्पचर्स कई सदी पहले कला के विभिन्न तरीके से बने हैं, साथ ही इनका बड़े से छोटे रूप में तैयार करना भी एक चुनौती है।
विज्ञापन
रेप्लिका के लिए कला का रूप समझना जरूरी
विशाल ने बताया कि म्यूजियम में पहली सदी से लेकर 19 वीं सदी के स्कल्पचर हैं। वह सभी अलग-अलग कला से जुड़े हैं। सबसे पहले तो स्कल्पचर को बनाने से पहले उनके कला के रूप को जानना होता है, उसके बारे में पढ़ना और वह स्कल्पचर क्या सोच कर बनाया गया था यह जानना जरूरी होता है। इसके बाद स्कल्पर बनाने के प्रक्रिया शुरू होती है।
बड़े स्कल्पचर की छोटी रेपिल्का बनाने में कई दिक्कतें आती हैं। जैसे बुद्ध द्वारा लोगों को ज्ञान देने में कई तरह के कट्स और बारीकियों का ध्यान रखना पड़ता है। चेहरे में वही भाव और उसी प्रकार से स्कल्पचर को काटना बहुत मुश्किल है।
स्कल्पचर बनाते समय एक गलत और ज्यादा कट भी उसे खराब कर देता है। विशाल ने कहा कि पुरानी सदी में कई कलाकार एक तरह से स्कल्पचर का निर्माण करते थे। इसलिए रेप्लिका में वैसा ही जादू लाना बहुत मुश्किल होता है।
रेप्लिका स्कल्पचर और पेंटिंग की कीमत
म्यूजियम में बने स्कल्पचर्स के रेप्लिका की कीमत 400 रुपये पर स्क्वॉयर फुट से शुरू होती है। साथ ही पेंटिंग की कीमत 350 रुपये से शुरू होकर 3000 तक है।
म्यूजियम में एमएफ हुसैन की भी पेंटिंग
शहर के म्यूजियम में पेंटर एमएफ हुसैन की पेंटिंग भी शामिल है। म्यूजियम में एमएफ हुसैन की कुल पांच पेंटिंग हैं, जिसमें से बिलो द पॉड, प्रेनेटिव, मास्क, ब्लू हेड और पेसेज इनटू ह्यूमन स्पेस शामिल हैं। इन पेंटिंग की रेप्लिका हालांकि उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं, लेकिन म्यूजियम में कई प्रसिद्ध कलाकारों की पेंटिंग की रेप्लिका उपलब्ध हैं। इनमें निकोलस रोरिक, शोभा सिंह जैसे नाम शामिल हैं।