एनजीटी से किया वादा निभाएगा निगम, घर-घर से उठाएगा कचरा, नवंबर में मिल जाएंगी 200 गाड़ियां
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घर-घर से कचरा उठाने के लिए नगर निगम को नवंबर अंत तक 200 गाड़ियां मिल जाएंगी। शेष 190 गाड़ियां 15 दिसंबर तक मिलने की उम्मीद है। स्मार्ट सिटी ने 390 गाड़ियों के लिए मुंबई की कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को टेंडर दिया है।
स्मार्ट सिटी को शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए 390 गाड़ियां खरीदनी हैं। इसके लिए कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड, टाटा मोटर्स लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कदम ओटो लाइंस, कोंटाकेस विजन सेंटर, एसएमएल इसुजु लिमिटेड, नेचर ग्रीन टूल्स एंड मशीन प्राइवेट लिमिटेड, इंडियन ओटो व्हील्स ने आवेदन किया था।
कंपनी को 3.5 हॉसपावर वाले इंजन की क्षमता के टिप्पर उपलब्ध कराने हैं। इनमें गीला, सूखा व हानिकारक कचरा अलग-अलग डालने की व्यवस्था होगी। स्मार्ट सिटी ने इस प्रोजेक्ट की बेस प्राइज 35 करोड़ रखी थी। टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड ने 29 करोड़ रुपये सबसे ज्यादा आवेदन किया था। बोर्ड ने अंत में कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर देने का फैसला लिया।
आर्या ओमनी टोक कंपनी गाड़ियों में लगाएगी जीपीएस सिस्टम
गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) भी लगेंगे और प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया जाएगा। इस काम के लिए आर्या ओमनी टॉक कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया है। इस काम की बेस प्राइज साढ़े आठ करोड़ रखी गई थी। आर्या ओमनी टॉक यह टेंडर साढ़े पांच करोड़ में दिया गया। दोनों कंपनी आपस में तालमेल कर गाड़ियां तैयार करके स्मार्ट सिटी को उपलब्ध कराएंगी।
10 जोन में बंटेगा शहर, स्काडा के तहत होगी निगरानी
प्रोजेक्ट के तहत शहर को 10 जोन में बांटकर गाड़ियों को संचालित किया जाएगा। इन गाड़ियों की निगरानी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर- 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे।
एनजीटी के निर्देशों को निगम हर हाल में इस माह करेगा पूरा
निगम ने एनजीटी की कमेटी से वादा किया था को वह 31 अक्तूबर तक हर हाल में घर-घर से कचरा उठाने लगेगा लेकिन गाड़ियां न आने से यह संभव नहीं हो पाया। निगम इस काम को हर हाल में दिसंबर माह में शुरू करने का प्रयास करेगा, ताकि एनजीटी की ओर से कोई जुर्माना न लगे।
34 हजार घर व 3 हजार दुकानों से कचरा लेने की योजना
निगम की शहर में 34 हजार घरों व 3 हजार दुकानों से कचरा लेने के एवज में शुल्क लेने की योजना है। इसमें 13 गांव भी शामिल हैं। अभी तक यहां से शुल्क नहीं लिया जाता था। योजना के अनुसार इन घरों और बाजारों से शुल्क के माध्यम से 90 लाख रुपये प्रति माह इकट्ठा होगा। नगर निगम के अनुसार यह चार्ज लोगों के पानी के बिल में जोड़कर भेजे जाएंगे।
अगर किसी जगह पर पानी का कनेक्शन नहीं है, वहां पर नगर निगम के कर्मचारी ही हर माह यह चार्ज इकट्ठा करेंगे। नगर निगम की ओर से लोगों में इन एरिया में सेग्रीगेशन की आदत डालने के लिए निशुल्क कचरा उठाने की सुविधा दी थी लेकिन अब नगर निगम इन हजारों घरों और दुकानदारों पर चार्ज लगाने जा रहा है।