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फेसबुक पर BJP सांसद हुईं लाइव..‘दिल से दिल की बात......किरण खेर के साथ’

Tue, 29 May 2018 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 29 May 2018 12:54 PM IST
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chandigarh mp kirron kher facebook live intraction with public
किरण खेर, सांसद - फोटो : file photo
‘दिल से दिल की बात...चंडीगढ़ से बीजेपी की सांसद किरण खेर के साथ’ फेसबुक लाइव प्रोग्राम की शुरुआत चार साल की उपलब्धियों से हुई। सांसद ने मुख्य कार्यों में ट्रिब्यून चौक क्लोवरलीफ फ्लाईओवर की मंजूरी, मनीमाजरा आरयूबी का निर्माण, कजौली वाटर वर्क्स  की पाइपलाइन, होमगार्ड के जवानों की तनख्वाह बढ़वाई, सरकारी नौकरी में आवेदन की अधिकतम आयु 37 वर्ष तक किए जाने और एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने जैसे कार्यों को अपनी उपलब्धियां बताया। वहीं, जब लोगों ने डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड, महिला सुरक्षा, क्राइम, सरकारी नौकरी में आयु सीमा बढ़ाने के बावजूद नौकरी न मिलने पर सवाल दागे तो खेर खामोश हो गईं। लाइव प्रोग्राम में करीब 1000 लोगों ने सवाल पूछे लेकिन जवाब चार या पांच लोगों को ही दिया। सांसद ने पूर्व सांसद बंसल और कांग्रेस सरकार को अपने निशाने पर लिया।
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शहरियों के सवाल, सांसद के जवाब
1. स्नेहा सिंह : चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के नीड बेस्ड चेंज को लेकर आपकी ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए?
किरण खेर :
नीड बेस्ड चेंज को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्य जारी है। हाउसिंग बोर्ड ने पिछले कुछ सालों में हाउसिंग बोर्ड के  मकानों  में कुछ जरूरी बदलाव को मंजूरी भी दी है। प्रशासनिक स्तर पर बनाई गई कमेटी जांच करेगी कि मकानों में किस प्रकार के बदलावों को मंजूरी दी गई है। रिपोर्ट के बाद ही इन बदलावों को बायलॉज में शामिल किया जाएगा। इस पर गवर्नर की मंजूरी भी बेहद जरूरी है।
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2. जयदीप सिंह : लीज होल्ड टू फ्री होल्ड तो करा दिया, लेकिन कन्वर्जन चार्ज बहुत ज्यादा हैं, क्या इसे कम करने की दिशा में कोई कदम उठाए जा रहे हैं।
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किरण खेर :
लीज टू  फ्री होल्ड पार्टी के घोषणा पत्र में भी शामिल था। पवन बंसल ने वर्ष 2013 में क्यों लीज टू फ्री होल्ड को बंद करा दिया। पूर्व सरकार की खामियों के चलते रेट कभी रिवाइज नहीं किए गए, जिसके चलते इस स्कीम को वर्ष 2013 में बंद करना पड़ा। कन्वर्जन रेट कलेक्टर रेट के मुताबिक सही हैं, फिर भी वह कोशिश करेंगी कि कलेक्टर रेट कम हों, ताकि कन्वर्जन रेट भी कम हो सकें।

3. यादविंदर मेहता : चंडीगढ़ को वर्ष 2014 से बजट कम मिल रहा है, क्या अतिरिक्त बजट को लेकर कोई कदम उठाया जा रहा है।
किरण खेर :
हमारी पूरी कोशिश रहती है कि बजट बढ़ाया जा सके। रेवेन्यू के हिसाब से बजट मुहैया कराया जाता है। रेवेन्यू बढ़ाने के लिए टैक्स लगानाजरूरी है। मैं नहीं चाहती कि लोगों पर कोई अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए। हमारी कोशिश जारी रहती है कि चंडीगढ़ के काम बजट के चलते न रुकें। कजौली वाटर वर्क्स के लिए केंद्र सरकार से बजट आ चुका है।

4. आस्था मदान : चार साल में क्या आपका कार्यकाल फ्लॉप रहा
किरण खेर :
इन चार सालों में मैंने 82 काम पूरे किए। कौन क्या कहता है, मुझ पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।

‘कांग्रेस ने जो काम खराब किए, उसी पर पोंछा लगा रहे हैं हम’
इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को लेकर पूछे सवाल पर भी खेर ने पूर्व सांसद बंसल के कंधे बंदूक रखकर निशाना लगाया। खेर ने कहा कि आज तक कांग्रेस ने जो काम खराब किए हैं, उसी पर हम लोग पोंछा लगा रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी इस मुद्दे पर कई बार बैठक हो चुकी है। सुप्रीमकोर्ट की रुलिंग है कि पुराने रेट पर अब कोई जमीन अलॉट नहीं की जा सकती। इसके  चलते अब तक यह स्कीम पूरी नहीं हो सकी। खेर ने कहा कि  पूर्व सरकार के चलते ये स्कीम बंद हुई, जिसके बाद भाजपा ने इस स्कीम को दोबारा केंद्र सरकार के समक्ष रखा है। खेर ने कहा इस स्कीम का कैबिनेट मोड तैयार है, जल्द ही इस स्कीम पर केंद्र की ओर से कोई अहम निर्णय होगा॥

जेबीटी व टीजीटी शिक्षकों की भर्ती पर जताई सहानुभूति
वर्ष 2015 में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से की गईं 850 शिक्षकों की भर्ती को प्रशासनिक स्तर पर रद्द करने की तैयारी है। टीचरों ने सांसद खेर के फे सबुक लाइव प्रोग्राम में जमकर सवाल पूछे। खेर ने कहा कि प्रशासन इसको लेकर किसी के साथ भी ज्यादती नहीं होने देगा। सुप्रीमकोर्ट की रुलिंग है कि अगर कोई भी भर्ती प्रक्रिया में इस प्रकार की धांधली सामने आती है, उसे निरस्त कर दिया जाए। फिर भी वह कोशिश करेंगी, जो दोषी हैं केवल उन पर कार्रवाई हो।

जब तक मैं सांसद हूं चंडीगढ़ में मेट्रो नहीं चलने दूंगी
मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर खेर ने कहा कि जब तक वह यहां बतौर सांसद हैं, वह तब तक चंडीगढ़ का सत्यानाश नहीं होने देंगी। खेर ने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जब शहर को खोदा जाएगा, इसका हेरिटेज स्टेट्स और खूबसूरती खराब हो जाएगी।  फ्रेंच कंपनी ने सर्वे में कहा था कि यहां 2050 तक भी इतनी आबादी नहीं बढ़ेगी कि मेट्रो की जरूरत पड़े। मेट्रो की जगह मोनो रेल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना चाहिए।

14,116 लोगों ने देखा खेर का फेसबुक लाइव
‘दिल से दिल की बात किरण खेर के साथ’ फेसबुक प्रोग्राम को 14,116 लोगों ने लाइव देखा। शाम 6.30 बजे तक 22,994 लोगों ने खेर के फे सबुक पेज पर जाकर उनका लाइव प्रोग्राम का वीडियो देखा। 177 लोगों ने खेर के फे सबुक लाइव को शेयर किया जबकि 2 हजार लोगों ने कमेंट किए।


अनुपम खेर ने किया किरण से सवाल, आप अपनी आलोचना को किस तरह से लेती हैं
किरण खेर के पति अनुपम खेर ने भी उनसे सवाल किया। खेर को उम्मीद नहीं थी कि अनुपम खेर उनका लाइव इंटरव्यू देख रहे होंगे। संयोग से जिस समय अनुपम खेर ने सवाल पूछा उस समय वह उन्हीं के बारे में बोल रही थीं। अनुपम खेर का सवाल था कि वह आलोचना को किस तरह से लेती हैं? इस पर खेर ने कहा कि आलोचना अच्छी चीज है। अगर लोग उनकी आलोचना नहीं करते तो शायद वह इतना काम नहीं कर पातीं। क्योंकि अगर कोई बार बार तंग करेगा तो आप भी अपना बेस्ट देंगे। कई बार दिल दुखता है। खासकर जब लोग पर्सनल हो जाते हैं। आलोचना दिल पर ले लो तो आपके लिए समस्या खड़ी हो सकती है। लेकिन वह तो यही मानती हैं कि कभी किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सारे काम एक इंसान नहीं कर सकता। सब कुछ भगवान की मर्जी से होता है। वह तो बस माध्यम हैं। आलोचना करने की जगह आइये मिलकर बेहतर भारत बनाएं। बेहतर चंडीगढ़ बनाएं।

पूर्व सांसद बोले-खेर ने जनता से किए वादे नहीं किए पूरे
सांसद किरण खेर ने शहर के लोगों से जो भी वादे किए उन्हें पूरा नहीं किया, आज जब जनता खेर से और भाजपा सरकार से सवाल कर रही है, तो वो अपनी नाकामी को छुपाने के लिए मुझ पर और कांग्रेस पर आरोप मढ़ रही हैं, जबकि शहर के लोग अब इनके जुमलों को बखूबी पहचान चुके हैं। इन चार साल में खेर ने जो भी काम किए, उनका लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ, चाहे बात ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ फ्लाईओवर की हो, प्रशासनिक नौकरी में आयु सीमा 37 वर्ष किए जाने की हो या फिर लीज होल्ड टू फ्री होल्ड की बात हो। लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाओं और अपने रूके हुए काम कराने के लिए जगह-जगह धक्के खाने पड़ रहे हैं।
- पवन कुमार बंसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री

 
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