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शाबाश यूटी पुलिस: चंडीगढ़ के नाम जुड़ा नया कीर्तिमान, पूरे देश में मोबाइल पर ई-समन भेजने वाला पहला शहर
Wed, 01 Jan 2025 01:26 PM IST
अंकेश ठाकुर
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 01 Jan 2025 01:26 PM IST
सार
देशभर में चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जिसमें सीसीटीएनएस से लेकर एफएसएल के इंटीग्रेशन तक काफी तेजी से काम किया है। नए कानूनों के तहत कार्रवाई करने के लिए करीब 22 आईटी विशेषज्ञ और 125 डाटा एनालिस्ट रखे गए हैं।
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पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू करने वाला चंडीगढ़ देशभर में सबसे पहला यूटी है। नए कानूनों के तहत गवाहों को मोबाइल के जरिए ई-समन जारी करने में भी चंडीगढ़ देश का पहला शहर रहा है।
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दिसंबर में ही महज 30 दिन में यूटी पुलिस के जांच अधिकारियों ने करीब 350 समन जारी किए हैं। हालांकि, यह समन अभी जांच अधिकारियों ने अपने निजी फोन के जरिए भेजे हैं। बता दें कि ई-समन भेजने के लिए यूटी पुलिस की ओर से 60 नए मोबाइल खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि देशभर में चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जिसमें सीसीटीएनएस से लेकर एफएसएल के इंटीग्रेशन तक काफी तेजी से काम किया है। नए कानूनों के तहत कार्रवाई करने के लिए करीब 22 आईटी विशेषज्ञ और 125 डाटा एनालिस्ट रखे गए हैं। सभी थानों में ई-गवाही के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम बनाए गए हैं, जिसमें गवाही के लिए स्पीकर और दो वेब कैमरा लगाए गए हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत काम करने वाले इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) भी केवल यूटी पुलिस के पास है।
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सुप्रीम कोर्ट की अप्रूवल मिलने के कारण हुई देरी
पूरे देश में तीन कानूनों के तहत केवल पुलिस ही नहीं बल्कि अलग-अलग विभागों के स्तर पर भी काम किया गया है। इसमें ई-गवाही से और ई-समन को कोर्ट के जरिए नए कानूनों से जोड़ा गया है। ई-गवाही के लिए तो देशभर के थाने व सरकारी दफ्तरों में वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाए गए हैं। लेकिन ई-समन के जरिए सुप्रीम की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के नेतृत्व में एक कमेटी भी गठित की गई थी। बाकायदा जजों को भी इसके लिए ट्रेनिंग दी गई, जिसके बाद समन के सारे रिकाॅडर्स को भी ऑनलाइन किया गया। सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता वाली इस कमेटी की ओर से नवंबर में ई-समन जारी करने के लिए अप्रूवल दी।
जिला कोर्ट से पहले पुलिस के पास आते ई-समन
कोर्ट की ओर से किसी भी मामले में अहलमद के जरिए कोर्ट के आदेशानुसार पहले पुलिस को ई-समन भेजा जाता है। कोर्ट से आए समन को पुलिस की ओर से अपने रिकॉर्ड में दर्ज करने के बाद उस उक्त गवाह के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। यूटी पुलिस ने इस महीने में महज 30 दिनों में अभी तक करीब 350 गवाहों को ई-समन जारी कर दिए है। हालांकि इससे पहले जब कोई पुलिसकर्मी किसी को समन देने जाता है तो कई गवाह समन नहीं लेते और कई बार पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी के मामले सामने आते थे। ई-समन जारी होने के बाद अब इससे छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही समन नहीं मिलने का कोई बहाना भी कोर्ट में नहीं चल सकेगा।
क्या बोलीं एसएसपी कंवरदीप कौर
एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री विजिट से कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से ई-समन को अप्रूवल दी गई थी। इसके बाद जिला कोर्ट की ओर से हमारे पास ई-समन भेजने शुरू किए गए, जिसके चलते अब तक यूटी पुलिस ने करीब 350 गवाहों को ई-समन जारी कर दिए हैं।