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टीचर भर्ती घोटाले को लेकर IG का बड़़ा कदम, कई पर गिरेगी गाज
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:15 PM IST
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चंडीगढ़ के आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा ने टीचर भर्ती घोटाले की जांच के लिए IG ने बड़़ा कदम उठाया है। आईजी ने जांच के लिए पांच सदस्यीय स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी के हेड एसपी ऑपरेशन रवि कुमार होंगे। आईजी को यह टीम एक माह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
आईजी ने यह फैसला डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुपिंदरजीत सिंह बराड़ से मीटिंग के बाद लिया। एसपी रवि कुमार का कहना है कि वह सभी फाइलों की जांच नए सिरे से करेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि पंजाब यूनिवर्सिटी से डिटेल्स मांगी गई थी, लेकिन अभी तक उन्होंने डिटेल मुहैया नहीं करवाई गई है।
उन पहलुओं की जांच होगी, जहां नहीं पहुंचे जांच अधिकारी
एसपी रवि कुमार का कहना है कि पहले हम देख रहे हैं कि अभी इस मामले कितनी जांच हुई है। जिन पहलुओं पर पहले जांच अधिकारी नहीं पहुंचे हैं, उनकी जांच की जाएगी। एसआईटी की रोज बैठक होगी। पंजाब विजिलेंस की ओर से इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों को भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लाया जाएगा।
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तीनों शिक्षकों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि भर्ती घोटाले के सामने आते ही तीन टीचर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे। उनका अभी तक कुछ पता नही लग पाया है। उनका भी पता लगाया जा रहा है।
पहले ही परीक्षार्थियों के पास पहुंच गया था पेपर
यूटी शिक्षा विभाग ने पिछले साल 1150 पीजीटी और टीजीटी की भर्ती पिछले साल की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा होने से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात सात लाख रुपये लिए थे।
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आईजी ने यह फैसला डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुपिंदरजीत सिंह बराड़ से मीटिंग के बाद लिया। एसपी रवि कुमार का कहना है कि वह सभी फाइलों की जांच नए सिरे से करेंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि पंजाब यूनिवर्सिटी से डिटेल्स मांगी गई थी, लेकिन अभी तक उन्होंने डिटेल मुहैया नहीं करवाई गई है।
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उन पहलुओं की जांच होगी, जहां नहीं पहुंचे जांच अधिकारी
एसपी रवि कुमार का कहना है कि पहले हम देख रहे हैं कि अभी इस मामले कितनी जांच हुई है। जिन पहलुओं पर पहले जांच अधिकारी नहीं पहुंचे हैं, उनकी जांच की जाएगी। एसआईटी की रोज बैठक होगी। पंजाब विजिलेंस की ओर से इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों को भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लाया जाएगा।
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तीनों शिक्षकों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि भर्ती घोटाले के सामने आते ही तीन टीचर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे। उनका अभी तक कुछ पता नही लग पाया है। उनका भी पता लगाया जा रहा है।
पहले ही परीक्षार्थियों के पास पहुंच गया था पेपर
यूटी शिक्षा विभाग ने पिछले साल 1150 पीजीटी और टीजीटी की भर्ती पिछले साल की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा होने से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात सात लाख रुपये लिए थे।