Chandigarh: किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद, 22 रुपये का जुर्माना भी देना होगा
साल 2019 में दर्ज मामले में एडिशनल एंड सेशन जज स्वाति सहगल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को सोमवार को दोषी करार दिया था। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उसकी बहन की शादी नहीं हुई है, युवक ही अकेला कमाने वाला है। लेकिन कोर्ट ने सभी दलीलें खारिज कर दी।
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साल 2019 में दर्ज मामले में एडिशनल एंड सेशन जज स्वाति सहगल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को सोमवार को दोषी करार दिया था। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उसकी बहन की शादी नहीं हुई है, युवक ही अकेला कमाने वाला है। उसके माता-पिता बीमार रहते हैं। इसे देखते हुए फैसला सुनाने से पहले कुछ रियायत की जाए। अदालत ने इन दलीलों को दरकिनार कर दोषी की सजा पर फैसला सुना दिया।
यह था मामला
सेक्टर-36 थाना पुलिस ने अक्तूबर 2019 में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। किशोरी के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी बेटी 18 अक्तूबर 2019 को बिना बताए घर से कहीं चली गई। इस पर पुलिस ने पहले अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद जांच के दौरान पुलिस ने चार नवंबर को पीड़िता को साहिल के साथ सेक्टर-43 बस स्टैंड से बरामद कर लिया था।
नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी 12 साल बाद काबू
नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 12 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस के पीओ एवं समन सेल ने मोहाली से गिरफ्तार किया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले राजकुमार के खिलाफ 31 जनवरी 2011 को मामला दर्ज किया था।
दायर मामले में नाबालिग के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी राजकुमार और उसके दोस्त उनकी 16 वर्षीय बेटी का सारंगपुर से अपहरण कर ले गए थे और दुष्कर्म भी किया था। हालांकि राजकुमार को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। वह नाबालिग को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अपने गांव जगन्नाथपुरा ले गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने नाबालिग के परिजनों को साथ ले जाकर लड़की को तो रेस्क्यू कर लिया था मगर आरोपी फरार हो गया था। चंडीगढ़ की अदालत ने 5 मई, 2011 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद पीओ सेल की टीम उसे तलाश रही थी। इसी बीच आरोपी अपना गांव छोड़कर राजस्थान के कोटा में रहने लगा था।
सेल के मुताबिक आरोपी लगातार अपना पता बदल रहा था और वह पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत नेपाल तक जाकर रहा था। अब सेल ने लगभग 12 वर्ष बाद मोहाली से गिरफ्तार कर लिया और चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे बुडै़ल जेल भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में दर्ज आपराधिक मामले का मुकदमा चलेगा।