फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh-based 3 BRD developed its own technology and successfully implemented in Russian helicopters

आपदा में अवसर: रूस-यूक्रेन युद्ध से सप्लाई हुई बाधित, चंडीगढ़ 3 BRD ने खुद बना डाले MI Aircrafts के पार्ट्स

Fri, 18 Aug 2023 10:10 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 18 Aug 2023 10:10 AM IST
सार

देश में करीब 270 रूसी हेलीकॉप्टर हैं। हर साल करीब 30 हेलीकॉप्टर को रखरखाव की जरूरत पड़ती है। अगर एक साल में इनका रखरखाव नहीं किया जाता तो अगले साल हेलीकॉप्टर की संख्या बढ़ जाती है। वर्तमान में धीमी गति से काम हो रहा है, इसलिए थ्री बीआरडी विभिन्न कंपनियों के साथ मिलकर इस काम में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है।

विज्ञापन
Chandigarh-based 3 BRD developed its own technology and successfully implemented in Russian helicopters
एमआई हेलिकॉप्टर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

रूस के एमआई हेलीकॉप्टर की पूरे विश्व में धाक है। वो विभिन्न देशों को हेलीकॉप्टर बेचते तो हैं लेकिन उनकी तकनीक नहीं देते। भारत ने अब इसका तोड़ निकाल लिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बाधित हुई तो चंडीगढ़ स्थित थ्री बीआरडी ने अपने अनुभव से खुद तकनीक विकसित की और रूस के हेलीकॉप्टर में सफलतापूर्वक लागू किया। ऐसे आठ एयरक्राफ्ट अब शान से हवा में उड़ान भर रहे हैं।

विज्ञापन


थ्री बीआरडी के एयर-ऑफिसर-कमांडिंग, एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि एमआई-17 वन वी और एमआई-17 वी5 की तकनीक रूस ने भारत को नहीं दी थी। थ्री बीआरडी ने देश में अपने अनुभव से इनकी टेक्नोलॉजी को बनाया और उनको एयरक्राफ्ट में लागू किया। इससे कई एयरक्राफ्ट को नया जीवन दिया गया है। उनकी गहन जांच की गई और फिर वो सभी पास हुए हैं। अब तक कुल आठ एयरक्राफ्ट में देश में बनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है जो शान से उड़ रहे हैं। 
विज्ञापन


यह भी पढें: Punjab: हाईकोर्ट ने कहा- आखिरी मौका है, मोर्चे का प्रदर्शन हटाओ वरना सेना बुलाने में भी संकोच नहीं करेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन


राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है। इसी टेक्नोलॉजी के लिए रूस करोड़ों रुपयों की मांग कर रहा था, लेकिन हमने इसे देश में ही बना लिया है और सफलतापूर्वक इस्तेमाल भी कर रहे हैं। एयरक्राफ्ट में लगने वाले बहुत सारे स्पेयर पार्ट कई एमएसएमई की मदद से देश में ही बना रहे हैं। कइयों पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि थ्री बीआरडी ने ये दृढ़ संकल्प लिया है कि अगले तीन से पांच साल में किसी पार्ट के साथ इंजन के लिए भी रूस की तरफ देखना नहीं पड़ेगा। वो देश में ही इसे बनाएंगे।


जिस काम के लिए रूस मांग रहा था 6 करोड़, थ्री बीआरडी 80 लाख में कर रहा
थ्री बीआरडी के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने 1960 के दशक में रूस से कई एमआई-8 हेलीकॉप्टर खरीदे थे। इस समय रूस ने भारत को तकनीक भी दी। 1980 के दशक में रूस से एमआई-17 और वर्ष 2012-13 में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर खरीदे लेकिन रूस ने इनकी तकनीक ट्रांसफर नहीं की। रूस ने मदद देने से मना नहीं किया, लेकिन इसके लिए करोड़ों रुपयों की मांग की। इन हेलीकॉप्टर के काम के लिए रूस में 5.5 से 6 करोड़ रुपये और करीब एक साल का समय लगता। वर्ष 2019 में आत्मनिर्भर भारत के तहत काम यहीं शुरू किया गया और वर्ष 2020 में पहली कामयाबी मिली। 2022 में रूस-यूक्रेन का युद्ध शुरू हो गया जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह से बाधित हो गई। थ्री बीआरडी ने देश में ही तेजी से काम किया और जुलाई 2023 तक कुल आठ एयरक्राफ्ट पास किए हैं। देश में बनाने से खर्च भी 80 लाख रुपये आया और समय भी महज 120 दिन लगते हैं।

देश में काम शुरू किया लेकिन गति काफी धीमी
देश में करीब 270 रूसी हेलीकॉप्टर हैं। हर साल करीब 30 हेलीकॉप्टर को रखरखाव की जरूरत पड़ती है। अगर एक साल में इनका रखरखाव नहीं किया जाता तो अगले साल हेलीकॉप्टर की संख्या बढ़ जाती है। वर्तमान में धीमी गति से काम हो रहा है, इसलिए थ्री बीआरडी विभिन्न कंपनियों के साथ मिलकर इस काम में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है। 13 कंपनियों से बात चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही एक प्री बिड बैठक होगी। एक हेलीकॉप्टर को 2000 घंटे की उड़ान या 10 साल की उम्र को पूरा करने के बाद रखरखाव की जरूरत पड़ती है। बता दें कि देश में जितने भी रूसी हेलीकॉप्टर हैं, उनकी देखरेख और मरम्मत का कार्य थ्री बीआरडी में ही होता है। एरो इंजन के कुछ पार्ट्स उड़ीसा के कोरापुट स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, नासिक, बेंगलुरू, मुंबई समेत कई राज्यों से मंगाए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed