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विशेष योजनाः ली कार्बूजिए के काम पर कर सकेंगे रिसर्च, बनेगा स्मार्ट म्यूजियम
रूबी सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 Jan 2018 04:37 PM IST
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ली कार्बूजिए
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चंडीगढ़ को बनाने वाले फ्रैंच आर्किटैक्ट ली कार्बूजिए के काम पर अब रिसर्च की जा सकेगी। वहीं सेंटर में स्मार्ट म्यूजियम बनाया जाएगा। ली कार्बूजिए की क्रिएशन के बारे में अक्सर हमने विकीपीडिया या सेंटर में रखे उनके वर्क को देखकर ही समझा है, लेकिन उनकी लिखी किताबें और वर्क को करीब से पढ़ने का मौका शायद ही कम लोगों को मिला है। लेकिन अब इस महान आर्किटैक्ट की लिखी किताबें, उनके वर्क और उनकी जिंदगी से जुड़ी तमाम कलेक्शन को शहर में ही पर्यटक एवं विद्यार्थी करीब से जान पाएंगे।
वो भी उनके सेंटर के कैफेटेरिया में, जिसे इन दिनों बनाया जा रहा है। जी हां, ली कार्बूजिए सेक्टर-19 में अब विदेशी तर्ज पर स्मार्ट म्यूजियम होगा, जहां लाइब्रेरी में उनकी किताबों होगी और कैफेटेरिया में बैठकर आराम से पर्यटक उन्हें पढ़ सकेंगे। यह म्यूजियम विदेशी आर्ट गैलरी की तरह होगा, जिसमें आने वाले पर्यटकों एवं कला के शौकीन लोगों के लिए ली कार्बूजिए की तमाम जानकारी एक ही छत पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
एक महीने में हो जाएगा यह तैयार
सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी ने बताया कि इस इमारत को विदेशी म्यूजियम की तरह बनाने की योजना है, जहां एक कोने में कैफेटेरिया होगा, जिसमें आर्टिस्ट आकर पढ़ सकेंगे, दूसरे कोने में लाइब्रेरी होगी, जहां उनके संबंधित वर्क को डिस्पले किया जाएगा। इस कार्य पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि यह सेंटर करीब एक महीने तक तैयार हो जाएगा।
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सेंटर के हर कोने में होगा ली कार्बूजिए का खजाना
डायरेक्टर ने बताया कि सेंटर में करीब 10 के करीब कमरे बनाए जा रहे है, जिसमें हर कलेक्शन खास होगी। यहां ली कार्बूजिए के असली कार्य को डिस्प्ले करने की कोशिश की जाएगी। सेंटर में वर्तमान समय में चंडीगढ़ व ली-कार्बूजिए से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, चंडीगढ़ के प्लान, स्केच, फोटोग्राफ्स, पुराने जमाने का फर्नीचर डिस्पले किया गया।
यह इमारत पहले थी खस्ता हाल में
सेंटर के सामने बन रहे इस म्यूजियम से पहले यह इमारत पूरी तरह खस्ता हाल में थी, जिसकी छत का काफी हिस्सा नीचे गिर चुका था और लकड़ी के ढांचे को दीमक चट रही थी। लेकिन अब यहां म्यूजियम से लेकर कैफेटेरिया, लाइब्रेरी से नया रूप दिया जा रहा है। दीपिका ने बताया कि इस सेंटर को बनाने को लेकर तीन साल पहले एक कमेटी बनाई गई थी, जिस केबाद इमारत की मरम्मत पूरी होने से लेकर इसमें म्यूजियम बनाने की योजना बनाई गई। हालांकि इसमें अन्य क्या होगा, इसको लेकर कमेटी की ओर से आने वाले समय में एक बार फिर बैठक की जाएगी।
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वो भी उनके सेंटर के कैफेटेरिया में, जिसे इन दिनों बनाया जा रहा है। जी हां, ली कार्बूजिए सेक्टर-19 में अब विदेशी तर्ज पर स्मार्ट म्यूजियम होगा, जहां लाइब्रेरी में उनकी किताबों होगी और कैफेटेरिया में बैठकर आराम से पर्यटक उन्हें पढ़ सकेंगे। यह म्यूजियम विदेशी आर्ट गैलरी की तरह होगा, जिसमें आने वाले पर्यटकों एवं कला के शौकीन लोगों के लिए ली कार्बूजिए की तमाम जानकारी एक ही छत पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
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एक महीने में हो जाएगा यह तैयार
सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी ने बताया कि इस इमारत को विदेशी म्यूजियम की तरह बनाने की योजना है, जहां एक कोने में कैफेटेरिया होगा, जिसमें आर्टिस्ट आकर पढ़ सकेंगे, दूसरे कोने में लाइब्रेरी होगी, जहां उनके संबंधित वर्क को डिस्पले किया जाएगा। इस कार्य पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि यह सेंटर करीब एक महीने तक तैयार हो जाएगा।
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सेंटर के हर कोने में होगा ली कार्बूजिए का खजाना
डायरेक्टर ने बताया कि सेंटर में करीब 10 के करीब कमरे बनाए जा रहे है, जिसमें हर कलेक्शन खास होगी। यहां ली कार्बूजिए के असली कार्य को डिस्प्ले करने की कोशिश की जाएगी। सेंटर में वर्तमान समय में चंडीगढ़ व ली-कार्बूजिए से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, चंडीगढ़ के प्लान, स्केच, फोटोग्राफ्स, पुराने जमाने का फर्नीचर डिस्पले किया गया।
यह इमारत पहले थी खस्ता हाल में
सेंटर के सामने बन रहे इस म्यूजियम से पहले यह इमारत पूरी तरह खस्ता हाल में थी, जिसकी छत का काफी हिस्सा नीचे गिर चुका था और लकड़ी के ढांचे को दीमक चट रही थी। लेकिन अब यहां म्यूजियम से लेकर कैफेटेरिया, लाइब्रेरी से नया रूप दिया जा रहा है। दीपिका ने बताया कि इस सेंटर को बनाने को लेकर तीन साल पहले एक कमेटी बनाई गई थी, जिस केबाद इमारत की मरम्मत पूरी होने से लेकर इसमें म्यूजियम बनाने की योजना बनाई गई। हालांकि इसमें अन्य क्या होगा, इसको लेकर कमेटी की ओर से आने वाले समय में एक बार फिर बैठक की जाएगी।