{"_id":"5d70bca38ebc3e016440672d","slug":"chandigarh-administration-decision-to-apply-qr-code-on-government-vehicles","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बड़ा फैसलाः अब सवारी वाहनों पर लगेगा क्यूआर कोड, बाहरी गाड़ियां नहीं घुस पाएंगी चंडीगढ़ में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा फैसलाः अब सवारी वाहनों पर लगेगा क्यूआर कोड, बाहरी गाड़ियां नहीं घुस पाएंगी चंडीगढ़ में
Thu, 05 Sep 2019 01:13 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 05 Sep 2019 01:13 PM IST
विज्ञापन
राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्राइसिटी में ट्रांसपोर्ट प्लानिंग को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन, हरियाणा और पंजाब के अफसरों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुधवार को पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए रिंग रोड के निर्माण में तेजी लाने का निर्णय लिया गया। साथ ही चंडीगढ़ में बाहरी सवारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के साथ ही प्रत्येक वाहन के क्यूआर कोड को अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया।
बैठक में प्रशासक ने तीनों प्रदेशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और ट्रैफिक कमेटियों की लगातार बैठक पर भी जोर दिया। प्रशासक ने पुलिस के माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम पर भी ध्यान केंद्रित किया। डीजीपी हरियाणा ने कंपनियों द्वारा मानव तस्करी और धोखाधड़ी की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने शहर सुरक्षा को लेकर नाकों पर जांच में तेजी लाने का सुझाव दिया। वहीं रिंग रोड, मोनो व मेट्रो के मुद्दे पर फिर एक बार चर्चा हुई है।
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ट्रैफिक कंजेक्शन से तत्काल राहत के लिए इलेक्ट्रिक बसों को चलाने पर लगभग सहमति बन गई। इसके साथ ही कार पूलिंग को एक बेहतर विकल्प के रूप में तलाशा गया है। इसे लागू करने के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में यूटी एडवाइजर मनोज परिदा, मुख्य सचिव हरियाणा केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्य सचिव पंजाब करण अवतार सिंह यूटी के प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्र्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला सहित तीनों प्रदेशों के कई अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में प्रशासक ने तीनों प्रदेशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और ट्रैफिक कमेटियों की लगातार बैठक पर भी जोर दिया। प्रशासक ने पुलिस के माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम पर भी ध्यान केंद्रित किया। डीजीपी हरियाणा ने कंपनियों द्वारा मानव तस्करी और धोखाधड़ी की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने शहर सुरक्षा को लेकर नाकों पर जांच में तेजी लाने का सुझाव दिया। वहीं रिंग रोड, मोनो व मेट्रो के मुद्दे पर फिर एक बार चर्चा हुई है।
विज्ञापन
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ट्रैफिक कंजेक्शन से तत्काल राहत के लिए इलेक्ट्रिक बसों को चलाने पर लगभग सहमति बन गई। इसके साथ ही कार पूलिंग को एक बेहतर विकल्प के रूप में तलाशा गया है। इसे लागू करने के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में यूटी एडवाइजर मनोज परिदा, मुख्य सचिव हरियाणा केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्य सचिव पंजाब करण अवतार सिंह यूटी के प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्र्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला सहित तीनों प्रदेशों के कई अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा
ट्राइसिटी शहरी योजना और परिवहन, मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, राज्यों के साथ समझौता और समग्र योजना के तहत बस सिस्टम, पब्लिक बाइक शेयरिंग (पीबीएस) और ई-रिक्शा के बीच क्षेत्रीय गतिशीलता योजना का मुख्य फोकस मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस) था। एमआरटीएस की योजना को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। ट्राइसिटी में निर्बाध कनेक्टविटी के लिए चंडीगढ़ प्रशासन पीआर-4, पीआर-5 सड़कों पर काम कर रहा है।
जाम से निजात के लिए तीनों प्रदेशों ने कसी कमर
ट्राइसिटी में लगातार बढ़ रही आबादी और वाहनों की संख्या के चलते शहर के प्रमुख स्थानों व चौराहों पर जाम लगने से पब्लिक लगातार जूझ रही है। ट्रैफिक समस्या से निजात के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार को मिलकर 25-25 करोड़ खर्च करने हैं। सभी को ट्राइसिटी अर्बन प्लानिंग कनेक्टविटी में एक सौ करोड़ रुपये खर्च करने हैं। इसकी रूपरेखा साल 2016 में तैयार की गई थी। इसे लेकर भी मीटिंग में चर्चा हुई।
जाम से निजात के लिए तीनों प्रदेशों ने कसी कमर
ट्राइसिटी में लगातार बढ़ रही आबादी और वाहनों की संख्या के चलते शहर के प्रमुख स्थानों व चौराहों पर जाम लगने से पब्लिक लगातार जूझ रही है। ट्रैफिक समस्या से निजात के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार को मिलकर 25-25 करोड़ खर्च करने हैं। सभी को ट्राइसिटी अर्बन प्लानिंग कनेक्टविटी में एक सौ करोड़ रुपये खर्च करने हैं। इसकी रूपरेखा साल 2016 में तैयार की गई थी। इसे लेकर भी मीटिंग में चर्चा हुई।