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Chandigarh: मानकों की अनदेखी कर 200 पुलिसकर्मियों को दिए थे मकान, याचिकाकर्ता को जांच रिपोर्ट देने के आदेश
Thu, 04 Aug 2022 04:51 PM IST
निवेदिता वर्मा
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 04 Aug 2022 04:51 PM IST
सार
याचिकाकर्ता जगजीत सिंह ने 2 जून 2021 को गृह विभाग से आरटीआई में जांच रिपोर्ट की कॉपी मांगी। इसके बाद जगजीत ने 22 जुलाई 2021 को संयुक्त गृह सचिव के सामने अपील की।
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- फोटो : Istock
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विस्तार
चंडीगढ़ में डीजीपी संजय बेनीवाल के कार्यकाल में मानकों की अनदेखी कर 200 सरकारी मकान आवंटित करने के मामले में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने फैसला सुनाया है। सीआईसी ने यूटी के गृह विभाग को आदेश जारी करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता को विभाग की ओर से की जा रही जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही इसके लिए एक जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती की जाए ताकि याचिकाकर्ता को समस्या न हो। सीआईसी ने गृह विभाग को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा न हो जिससे आयोग का समय खराब हो।
पुलिसकर्मियों को मकान आवंटित करने का मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है। इस मामले में प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि गृह विभाग अलग से इस मामले की जांच कर रहा है। उस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस केस को डिसमिस कर दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई पर विभाग की ओर से की जा रही जांच की रिपोर्ट पेश की जाए लेकिन प्रशासन ने वह रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की।
चंडीगढ़ पुलिस के हवलदार जगजीत सिंह ने आरटीआई के तहत पुलिस विभाग से जानकारी मांगी थी कि तत्कालीन डीजीपी संजय बेनीवाल के कार्यकाल में 200 सरकारी मकान जिन पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं उनके नाम, बेल्ट नंबर और रिक्वेस्ट की कॉपी, नियुक्ति की तारीख और नोटिंग पेज की जानकारी उपलब्ध कराई जाए लेकिन विभाग ने यह कहते हुए उनकी अपील खारिज कर दी कि यह थर्ड पार्टी इन्फार्मेशन है, इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी जा सकती।
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पुलिसकर्मियों को मकान आवंटित करने का मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है। इस मामले में प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि गृह विभाग अलग से इस मामले की जांच कर रहा है। उस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस केस को डिसमिस कर दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई पर विभाग की ओर से की जा रही जांच की रिपोर्ट पेश की जाए लेकिन प्रशासन ने वह रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की।
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चंडीगढ़ पुलिस के हवलदार जगजीत सिंह ने आरटीआई के तहत पुलिस विभाग से जानकारी मांगी थी कि तत्कालीन डीजीपी संजय बेनीवाल के कार्यकाल में 200 सरकारी मकान जिन पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं उनके नाम, बेल्ट नंबर और रिक्वेस्ट की कॉपी, नियुक्ति की तारीख और नोटिंग पेज की जानकारी उपलब्ध कराई जाए लेकिन विभाग ने यह कहते हुए उनकी अपील खारिज कर दी कि यह थर्ड पार्टी इन्फार्मेशन है, इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी जा सकती।
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