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Chandigarh: हरियाणा व चंडीगढ़ के सभी पुलिस स्टेशन सीसीटीवी की निगरानी में, पंजाब ने HC में कहा-काम जारी
Wed, 19 Jul 2023 12:01 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 19 Jul 2023 12:01 PM IST
सार
गैंगस्टर कौशल ने याचिका दाखिल कर बताया था कि उसके खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज हैं। वह इस समय संगरूर की जेल में बंद है और उसे आशंका है कि अन्य मामलों में पूछताछ के लिए लेकर जाते वक्त उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। इस पर हाईकोर्ट ने सभी पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरों को लेकर जवाब मांगा था।
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विस्तार
हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी पुलिस स्टेशन में प्रवेश व निकास पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त वॉशरूम को छोड़ कर लगभग सारा इलाका इन कैमरों की नजर में हैं। यह जानकारी हरियाणा सरकार व यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में दी है। पंजाब सरकार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम जारी है जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
यह भी पढ़ें: Punjab: गवर्नर ने पंजाब विधानसभा सत्र की वैधता पर उठाए थे सवाल, अब कानूनविद बोले-कानूनी था विशेष सेशन
इस मामले में गैंगस्टर कौशल ने याचिका दाखिल कर बताया था कि उसके खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज हैं। सिर्फ हरियाणा में उसके खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। याची ने कहा कि वह इस समय संगरूर की जेल में बंद है और उसे आशंका है कि अन्य मामलों में पूछताछ के लिए लेकर जाते वक्त उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब दोनों के डीजीपी से जवाब मांगा था। पंजाब के डीजीपी ने आरोपों से इनकार किया और बताया था कि याची ने ऐसी कोई शिकायत पहले नहीं की थी।
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हाईकोर्ट ने सुनवाई पर सभी पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरों को लेकर तथा जांच के दौरान वीडियोग्राफी पर जवाब मांगा था। हरियाणा सरकार ने कहा कि प्रवेश व निकास पर सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं लेकिन सीआरपीसी में जांच की वीडियोग्राफी का कोई प्रावधान नहीं है। हाईकोर्ट ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट जब यह कह चुका है कि प्रवेश, निकास, लॉकअप, बरामदा, रिसेप्शन, ऑफिसर का कमरा सभी सीसीटीवी की निगरानी में होने चाहिए। साथ ही सीसीटीवी में ऑडियो का ऑप्शन तथा इसका रिकॉर्ड कम से कम 18 माह तक रखना चाहिए। राज्य सरकार को पावर बैकअप की व्यवस्था करनी चाहिए। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर इस बारे में हरियाणा, पंजाब व यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
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इस मामले में गैंगस्टर कौशल ने याचिका दाखिल कर बताया था कि उसके खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज हैं। सिर्फ हरियाणा में उसके खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। याची ने कहा कि वह इस समय संगरूर की जेल में बंद है और उसे आशंका है कि अन्य मामलों में पूछताछ के लिए लेकर जाते वक्त उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। इस मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब दोनों के डीजीपी से जवाब मांगा था। पंजाब के डीजीपी ने आरोपों से इनकार किया और बताया था कि याची ने ऐसी कोई शिकायत पहले नहीं की थी।
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हाईकोर्ट ने सुनवाई पर सभी पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरों को लेकर तथा जांच के दौरान वीडियोग्राफी पर जवाब मांगा था। हरियाणा सरकार ने कहा कि प्रवेश व निकास पर सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं लेकिन सीआरपीसी में जांच की वीडियोग्राफी का कोई प्रावधान नहीं है। हाईकोर्ट ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट जब यह कह चुका है कि प्रवेश, निकास, लॉकअप, बरामदा, रिसेप्शन, ऑफिसर का कमरा सभी सीसीटीवी की निगरानी में होने चाहिए। साथ ही सीसीटीवी में ऑडियो का ऑप्शन तथा इसका रिकॉर्ड कम से कम 18 माह तक रखना चाहिए। राज्य सरकार को पावर बैकअप की व्यवस्था करनी चाहिए। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर इस बारे में हरियाणा, पंजाब व यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।