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आदेशः हरियाणा में अभी नहीं होंगे मोतियाबिंद के ऑपरेशन, सिविल सर्जन देंगे जांच रिपोर्ट

Sun, 31 Mar 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 31 Mar 2019 11:35 AM IST
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cataract operation will remain closed in haryana
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा में मोतियाबिंद के ऑपरेशन फिलहाल बंद रहेंगे। वहीं सभी सिविल सर्जन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद संक्रमण का शिकार हुए मरीजों की जिलावार लिस्ट बनाएंगे और उनकी स्थिति का भी पता लगाएंगे। इसके लिए चिकित्सक खुद जाएंगे या मरीजों से संपर्क करेंगे, लेकिन दो दिन में सभी जानकारी उपलब्ध करवाएंगे। शनिवार को संक्रमण का शिकार हुए मरीजों से मिलने पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचे एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य) राजीव अरोड़ा ने यह आदेश दिए।
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स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पीजीआईएमएस में भर्ती मरीजों का हाल जानने पहुंचे। वार्ड में निरीक्षण के बाद एसीएस अरोड़ा ने कहा कि अभी तक की जांच में लापरवाही कम और दवा से संक्रमण की संभावना अधिक सामने आ रही है। इसकी पुष्टि भी सात से दस दिन में हो जाएगी। ड्रग कंट्रोलर विभाग और एचएमएसएल से ऑपरेशन में प्रयोग होने वाली दवाओं के सैंपल भरवा कर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दो दवाओं में संक्रमण की बात मानी

एसीएस राजीव अरोड़ा ने माना कि दो दवाओं में संक्रमण मिलने का मामला सामने आ रहा है। इसकी गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल इस पर भी विचार विमर्श जारी है कि प्रोटोकॉल का पालन कहां हुआ और कहां नहीं हुआ। इस कमी को दूर करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसा न हो। मीडिया ने इस मुद्दे को जिस प्रकार मानवता के दृष्टिकोण से उठाया, वह सही है। जो खामियां सामने आई हैं, उन्हें सही करके प्रोटोकॉल को री-राइट किया जाएगा।

नेत्र रोग विशेषज्ञ बताएंगे मरीजों की स्थिति
एसीएस ने बातचीत में बताया कि मरीजों की रोशनी की क्या स्थिति रहेगी, इसकी जानकारी तो नेत्र रोग विशेषज्ञ ही दे सकते हैं। फिलहाल 44 में से 30 के करीब मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। एक सप्ताह बाद पता चलेगा कि कितनी रोशनी वापस आई है। कुरुक्षेत्र में भी 22 के करीब ऐसे ही केस सामने आए थे। इन्हें चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया और वहां इलाज के बाद उनकी रोशनी आ गई। यहां भी उम्मीद है कि सब कुछ सही होगा।

भिवानी के जालान अस्पताल में लिस्ट के हिसाब से 498 ऑपरेशन हुए थे। भिवानी से 41, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल से तीन और झज्जर जिला नागरिक अस्पताल से एक शख्स उपचार के लिए आया था। मार्च में अन्य जगह भी निशुल्क ऑपरेशन हुए हैं, लेकिन कहीं कोई समस्या सामने आने की जानकारी नहीं है।
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