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हाईकोर्ट ने मांगा जवाब: पुलिस के लचर रवैये से 68514 मामलों का निपटारा नहीं, पंजाब-हरियाणा से रिपोर्ट तलब
Sun, 26 May 2024 10:16 AM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 26 May 2024 10:16 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने बड़ी संख्या में लंबित मामलों पर कहा कि पुलिस विभाग की लापरवाही के चलते लोगों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा की ओर से एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, क्राइम ममता सिंह ने हलफनामा सौंपते हुए बताया कि ऐसे 64183 मामले अभी लंबित हैं।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा व पंजाब में 68514 मामले ऐसे हैं, जहां कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद इसे अदालत में नहीं सौंपा गया है। ऐसे में इन मामलों के आरोपियों के अनावश्यक उत्पीड़न को देखते हुए हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को सभी मामलों में इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष कैंसिलेशन रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए गुरनाम सिंह ने धोखाधड़ी के मामले में 2013 में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने पाया कि इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट 2017 में तैयार कर ली गई थी, लेकिन इसे अदालत में पेश नहीं किया गया। हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने कहा कि एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। हाईकोर्ट ने इस मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि सात साल पहले कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद इसे दाखिल नहीं किया गया। अब याची को उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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इस मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब को ऐसे सभी मामलों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया था, जिसमें कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार होने के छह माह बाद भी अदालत में पेश नहीं की गई। हरियाणा की ओर से एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, क्राइम ममता सिंह ने हलफनामा सौंपते हुए बताया कि ऐसे 64183 मामले अभी लंबित हैं।
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पंजाब सरकार की ओर से असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, लिटिगेशन सरबजीत सिंह ने बताया कि 4331 ऐसे मामले अभी लंबित हैं, जिसमें कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार है, लेकिन अभी इलाका मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जा सका है। हाईकोर्ट ने इतनी बड़ी संख्या में ऐसे लंबित मामलों पर कहा कि पुलिस विभाग की लापरवाही के चलते लोगों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आदेश दिया है कि इन सभी मामलों में इलाका मजिस्ट्रेट के सामने जल्द से जल्द कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी जाए।