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मुक्तसर पुलिस पर कार्रवाई: वकील के साथ अमानवीय व्यवहार मामले में एसपी, सीआईए प्रभारी सहित छह पर केस
Tue, 26 Sep 2023 09:35 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 26 Sep 2023 09:35 AM IST
सार
डीएसपी सुनील गोयल के मौके पर मौजूद नहीं होने का हवाला देते हुए प्राथमिकी रिपोर्ट में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया है। जबकि एसपी और इंस्पेक्टर के अलावा सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह, सीनियर कांस्टेबल भूपिंदर सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह, पीएचजी दारा सिंह के नाम केस में दर्ज हैं। यह सभी सीआईए स्टाफ में तैनात हैं।
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मुक्तसर पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
मुक्तसर के एसपी इन्वेस्टीगेशन रमनदीप सिंह भुल्लर, सीआइए स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर रमन कुमार कंबोज सहित छह कर्मचारियों पर थाना सिटी में क्रॉस केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुक्तसर के वकील वरिंदर सिंह संधू और उनके साथी शलिंदरजीत सिंह नीटा को थर्ड डिग्री टार्चर और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में की गई है।
मामला गर्माने पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के निर्देशों पर पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के वकीलों के मंगलवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी देने के बाद सोमवार की देर रात पुलिस ने एक्शन लेते हुए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ ये कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि वकील वरिंदर सिंह द्वारा स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर कथित रूप से आरोप लगाया गया था कि सीआइए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज ने उसे और उनके साथी शलिंदरजीत सिंह को सदर मुक्तसर पुलिस स्टेशन लाकर कई घंटों तक थर्ड डिग्री टार्चर किया। यही नहीँ एसपी रमनदीप सिंह भुल्लर की मौजूदगी में वहां दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इस सब की वीडियोग्राफी करते हुए उन्हें धमकी भी दी गई कि अगर उन्होंने बाहर जाकर किसी से यह बात कही तो उनका यह वीडियो लीक कर वायरल कर दिया जाएगा।
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यह भी पढ़ें: उत्तर क्षेत्रीय परिषद बैठक: अमृतसर में आज जुटेंगे राजनीति के दिग्गज, अमित शाह के सामने उठाएंगे समस्याएं
कोर्ट ने दिए थे केस करने के आदेश
सूत्रों के अनुसार कथित रूप से यह शिकायत भी दी गई है कि वहां उन्हें नशीला पदार्थ भी दिया गया और बाद में उन्हीं के खिलाफ धारा 186,353 और एनडीपीसी की धारा 27 के तहत केस दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। जब इस मामले की शिकायत सीजीएम की अदालत में दायर की गई तो अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 सितंबर को मामले में जांच कर आरोपी पाए जाने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। मगर पिछले कई दिनों से पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने से आना-कानी की जा रही रही थी जिस पर सोमवार को इस मामले में वकीलों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा कर दी तो आखिरकार पुलिस को मामला दर्ज करना ही पड़ा।
पुलिस ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर आईपीसी की धारा 377,342,323,149 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीएसपी सुनील गोयल के मौके पर मौजूद नहीं होने का हवाला देते हुए प्राथमिकी रिपोर्ट में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया है। जबकि एसपी और इंस्पेक्टर के अलावा सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह, सीनियर कांस्टेबल भूपिंदर सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह, पीएचजी दारा सिंह के नाम केस में दर्ज हैं। यह सभी सीआईए स्टाफ में तैनात हैं।
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मामला गर्माने पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के निर्देशों पर पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के वकीलों के मंगलवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी देने के बाद सोमवार की देर रात पुलिस ने एक्शन लेते हुए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ ये कार्रवाई की है।
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गौरतलब है कि वकील वरिंदर सिंह द्वारा स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर कथित रूप से आरोप लगाया गया था कि सीआइए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज ने उसे और उनके साथी शलिंदरजीत सिंह को सदर मुक्तसर पुलिस स्टेशन लाकर कई घंटों तक थर्ड डिग्री टार्चर किया। यही नहीँ एसपी रमनदीप सिंह भुल्लर की मौजूदगी में वहां दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इस सब की वीडियोग्राफी करते हुए उन्हें धमकी भी दी गई कि अगर उन्होंने बाहर जाकर किसी से यह बात कही तो उनका यह वीडियो लीक कर वायरल कर दिया जाएगा।
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कोर्ट ने दिए थे केस करने के आदेश
सूत्रों के अनुसार कथित रूप से यह शिकायत भी दी गई है कि वहां उन्हें नशीला पदार्थ भी दिया गया और बाद में उन्हीं के खिलाफ धारा 186,353 और एनडीपीसी की धारा 27 के तहत केस दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। जब इस मामले की शिकायत सीजीएम की अदालत में दायर की गई तो अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 सितंबर को मामले में जांच कर आरोपी पाए जाने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। मगर पिछले कई दिनों से पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने से आना-कानी की जा रही रही थी जिस पर सोमवार को इस मामले में वकीलों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा कर दी तो आखिरकार पुलिस को मामला दर्ज करना ही पड़ा।
पुलिस ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर आईपीसी की धारा 377,342,323,149 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीएसपी सुनील गोयल के मौके पर मौजूद नहीं होने का हवाला देते हुए प्राथमिकी रिपोर्ट में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया है। जबकि एसपी और इंस्पेक्टर के अलावा सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह, सीनियर कांस्टेबल भूपिंदर सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह, पीएचजी दारा सिंह के नाम केस में दर्ज हैं। यह सभी सीआईए स्टाफ में तैनात हैं।