फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Case involving HCS officers Judge recuses himself on verdict day refers matter to Chief Justice

एचसीएस अधिकारियों से जुड़ा मामला: फैसले के दिन जज ने खुद को केस से अलग किया, मामला चीफ जस्टिस को भेजा

Sat, 11 Oct 2025 04:31 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Oct 2025 04:31 PM IST
सार

वर्ष 2002 में तत्कालीन कांग्रेस नेता करन सिंह दलाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा लोक सेवा आयोग पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने चयन प्रक्रिया से जुड़े पूरे रिकार्ड को तलब किया था।

विज्ञापन
Case involving HCS officers Judge recuses himself on verdict day refers matter to Chief Justice
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस ) अधिकारियों से जुड़ी याचिकाओं पर अंतिम फैसला सुनाने से पहले जज ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। 
विज्ञापन


जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने यह फैसला उस ईमेल के बाद लिया, जिसमें बताया गया था कि जज कभी इसी मामले से जुड़े केस में बतौर वकील पेश हो चुके हैं। जस्टिस दहिया ने सुनवाई से अलग होते हुए मामले को चीफ जस्टिस के पास भेज दिया, ताकि इसे किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सके।
विज्ञापन


यह मामला आठ एचसीएस अधिकारियों की उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिन्हें हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जुलाई 2023 में हिसार की सत्र अदालत में आरोपी बनाया गया था। आरोप पत्र में इन अधिकारियों के साथ नौ पेपर चेकरों के नाम भी शामिल थे। इन सभी ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी एचसीएस अधिकारियों में वीना हुड्डा, सुरेंद्र सिंह-1, जगदीप ढांडा, सरिता मलिक, कमलेश भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ और जग निवास शामिल हैं। सभी 2002 बैच के अधिकारी हैं, जिनकी भर्ती ओम प्रकाश चौटाला सरकार के दौरान हुई थी। इसी के चलते इन अधिकारियों के नाम पर आईएएस प्रमोशन के लिए विचार नहीं किया गया।

वर्ष 2002 में तत्कालीन कांग्रेस नेता करन सिंह दलाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा लोक सेवा आयोग पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने चयन प्रक्रिया से जुड़े पूरे रिकार्ड को तलब किया था।


एक विशेष जांच दल की रिपोर्ट में भी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अक्टूबर 2005 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई।

जज को भेजी ईमेल में क्या कहा गया 

भिवानी निवासी एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट को ईमेल भेजकर बताया कि जस्टिस दहिया 2003 में इसी मामले से संबंधित एक याचिका में बतौर वकील पेश हुए थे। इसी कारण जज ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। यह मामला अब चीफ जस्टिस द्वारा किसी अन्य पीठ के समक्ष भेजा जाएगा, जहां इस पर आगे की सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed