इस्तीफे से पहले कैप्टन की चिट्ठी: अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को बताई उपलब्धियां और जताया दुख
पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह के कारण शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने आलाकमान पर निशाना साधते हुए कहा था उन्हें बार-बार अपमानित किया गया।
विस्तार
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफे के बाद पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख अपना दुख प्रकट किया है। उन्होंने लिखा है कि पांच महीनों की घटनाओं से वह बहुत आहत हैं। उन्होंने पत्र में चेतावनी भी दी है कि पंजाब को बड़ी मुश्किल से शांत किया है, ध्यान देना होगा कि यह शांति भंग न हो पाए। उन्होंने चिट्ठी के जरिये 2017 से अब तक के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। साथ ही चुनाव से पूर्व किए गए 89.2 प्रतिशत वादे भी पूरे किए हैं।
शनिवार को राज्यपाल को औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंपने से कुछ घंटे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को यह पत्र लिखा था। सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कैप्टन ने कहा कि मेरी निजी पीड़ा के बावजूद मैं उम्मीद जाहिर करता हूं कि इससे राज्य में बहुत कठिनाई और कड़ी मेहनत करके हासिल की गई अमन-शांति और किए गए विकास को कोई नुकसान न पहुंचे और वह यत्न जिन पर मैं पिछले कुछ साल से ध्यान दे रहा था, जारी रहेंगे जिससे सभी के लिए न्याय को जरूरी बनाया जा सके।
पंजाब के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हुए कैप्टन ने लिखा है कि इन 9.5 साल में पंजाब के लोगों की भलाई के लिए तन-मन से काम किया है और वह राज्य को अपने दिल की गहराई से प्यार करते हैं। मैंने न सिर्फ कानून का राज स्थापित किया और पारदर्शी शासन को यकीनी बनाया बल्कि राजनीतिक मामलों के प्रबंधन में नैतिक व्यवहार भी कायम रखा, जिस दौरान साल 2019 की संसदीय चुनाव में 13 में से 8 सीटें जीतीं और पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव में भी निर्णायक जीत प्राप्त की।
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गिनाए विकास कार्य
स्वास्थ्य
कोविड-19 महामारी की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने इसका सामना कारगर ढंग और बेहतर तालमेल के साथ किया, जिससे मानव जीवन के कम से कम नुकसान को यकीनी बनाया जा सका। राज्य में अब 55 लाख परिवार नकदी रहित इलाज के लिए योग्य हैं।
बेअदबी
बेअदबी मामलों और इसके बाद साल 2015 की पुलिस घटनाओं के मुद्दे पर कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार जो इस मुद्दे पर न्याय को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध थी, ने जस्टिस (सेवामुक्त) रणजीत सिंह के नेतृत्व में जांच के लिए जुडिशियल कमीशन कायम किया। इसकी रिपोर्ट 16 अगस्त, 2018 को प्राप्त की। इस रिपोर्ट को स्वीकृत किया गया और इसके बाद कानूनी कार्रवाई आरंभ की गई।
बिजली
राज्य के लोगों के लिए किफायती बिजली की सप्लाई यकीनी बनाने के लिए पिछली सरकार की तरफ से महंगी बिजली की खरीद के लिए किए गए विवादास्पद समझौतों के संबंध में कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017-21 तक बिजली संचार और वितरण ढांचे में 3709 करोड़ रुपये का निवेश किया है। 22 लाख एससी, बीसी खपतकारों और 14 लाख किसानों की भलाई के लिए करीब 11000 करोड़ रुपये सालाना जारी किया।
खेती-किसानी
किसानों को पंजाब की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कैप्टन अमरिंदर ने लिखा कि कर्ज राहत प्रदान करने और उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक व्यवस्थाओं को रद्द करने की अपनी वचनबद्धता के अनुसार, उनकी सरकार ने 5.64 लाख किसानों को 4,624 करोड़ और 2.68 लाख खेत मजदूरों को 526 करोड़ की कर्ज राहत दी। इसके अलावा, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज एक्ट, 1961 की धारा 67-ए को रद्द किया और 2.5 एकड़ तक की कृषि योग्य जमीन को कुर्क करने की इजाजत न देते हुए सिविल प्रोसीजर कोड में संशोधन भी किया है।
नशा तस्करी
नशा तस्करी रोकने को लेकर कैप्टन ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में एक विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। इसके कारण अब तक 62,744 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, 202 ओट क्लीनिक स्थापित किए। 2017 में राज्य की खनन नीति में सुधार के साथ, राज्य की आय 35 करोड़ सालाना से बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
रोजगार
कैप्टन अमरिंदर ने घर-घर रोजगार योजना, जिसके लिए 22 जिला रोजगार और कारोबार ब्यूरो स्थापित किए गए, कामयाबी के विवरण साझा करते हुए कहा कि इससे 19.29 लाख लोगों को रोजगार मिला। इनमें 62748 सरकारी नौकरियां, 737963 निजी क्षेत्र की नौकरियां और 1093000 स्व रोजगार शामिल हैं।
शिक्षा
अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी का ध्यान पंजाब को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की तरफ से शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल दर्जा मिलने की तरफ दिलाते हुए इसका श्रेय पंजाब सरकार के शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार के यत्नों और निवेश को बताया। राज्य के 19000 स्कूलों में से 14000 स्मार्ट विकसित हो चुके हैं, जबकि 5000 बाकी भी प्रगति अधीन हैं। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में आठ नई यूनिवर्सिटियां, 19 सरकारी कॉलेज और 25 नई आईटीआई भी स्थापित कीं।