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पंजाब: अमरिंदर सिंह के इस्तीफे का जलियांवाला बाग कनेक्शन, केंद्र सरकार का बचाव करना कहीं भारी तो नहीं पड़ा
Sun, 19 Sep 2021 03:12 AM IST
ajay kumar
रघु आदित्य, अमर उजाला, चंडीगढ़
रघु आदित्य, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 19 Sep 2021 03:12 AM IST
सार
जलियांवाला बाग के सुंदरीकरण पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार का बचाव किया था और कहा था कि मुझे तो रेनोवेशन में कुछ भी गलत नजर नहीं आता। जलियांवाला बाग रेनोवेशन के बाद मेरे हिसाब से बहुत बढ़िया हो गया है। वक्त के साथ जो इमारतें कमजोर हो गई थीं और दरारें पड़ गई थीं, उनको दुरुस्त करना जरूरी था।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जलियांवाला बाग के सुंदरीकरण को क्लीन चिट देना भी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भारी पड़ा। 28 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जलियांवाला बाग के नए स्वरूप का उद्घाटन किया तो इसके तत्काल बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसे शहीदों का अपमान बताया था और कहा था कि जलियांवाला बाग के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा।
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हम इस अभद्र क्रूरता के खिलाफ हैं। लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके ट्वीट को खारिज करते हुए जलियांवाला बाग के नवीनीकरण को यह कहते हुए क्लीनचिट दी थी कि मेरे हिसाब से जलियांवाला बाग रेनोवेशन कार्यक्रम बहुत बढ़िया हुआ है। मुझे नहीं पता कि क्या हटा दिया गया है लेकिन मुझे यह बहुत अच्छा लग रहा है। उसी दिन से कैप्टन राहुल गांधी के निशाने पर आ गए थे।
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दरअसल, पार्टी लाइन से अलग जाकर बातें करना ही कैप्टन को भारी पड़ा और विरोधियों को आलाकमान को समझाने का मौका मिल गया। राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग के जीर्णोद्धार पर सवाल वैसे ही खड़े नहीं किए थे। यह पार्टी की रणनीति थी। कारण कि जालियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट में पहले कांग्रेस अध्यक्ष स्थायी सदस्य हुआ करता था लेकिन केंद्र सरकार इसके खिलाफ लोकसभा में बिल लेकर आई और दो अगस्त 2019 को यह बिल लोकसभा में पारित हो गया। इसके पीछे बिल पेश करने वाले संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल का कहना था कि सरकार जालियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल से जुड़ी राजनीति को खत्म करना चाहती है। इसलिए 1951 के एक्ट में संशोधन वाला विधेयक लाया गया है। जबकि बिल के विरोध में अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने सदन में कहा था कि सरकार ट्रस्ट से कांग्रेस अध्यक्ष को हटाकर दोबारा इतिहास लिखना चाहती है।
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यह सीधा-सीधा गांधी परिवार से जुड़ा मामला था और इसलिए जब कैप्टन ने राहुल गांधी की बात काटी तो यह उन्हें नागवार गुजरी। ऐसा पहली बार नहीं है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसी मुद्दे पर राहुल गांधी के स्टैंड के खिलाफ बयान दिया हो। इससे पहले जीएसटी को लेकर भी ऐसा हो चुका है। जीएसटी पर जहां पार्टी ने विपरीत स्टैंड लिया हुआ था, वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे राज्यों के लिए फायदेमंद बताया और कहा कि इससे पंजाब जैसे ज्यादा खपत वाले राज्यों को फायदा मिलेगा।
राहुल का ट्वीट
जलियांवाला बाग के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के खिलाफ हैं।