{"_id":"65fe8287bc7eec5aca0c385e","slug":"candidates-sitting-on-strike-outside-the-commission-office-to-release-revised-results-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-381859-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: संशोधित परिणाम जारी कराने को आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: संशोधित परिणाम जारी कराने को आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अभ्यर्थी
विज्ञापन
ग्रुप सी और ग्रुप डी के परिणाम को लेकर जताई आपत्ति
चंडीगढ़। ग्रुप सी की नौकरियों के परिणाम को संशोधित कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर डेरा डाल लिया है। इनमें अधिकतर अभ्यर्थी एमपीएचडब्ल्यू, फायरमैन और ग्रुप डी के अभ्यर्थी हैं। इनका आरोप है कि हाईकोर्ट से स्टे के बावूजद दोनों भर्तियों में आर्थिक, सामाजिक आधार के पांच अतिरिक्त अंक दिए गए, इस आधार पर मेरिट वाले अभ्यर्थी पिछड़ गए हैं और कम अंक वालों को मौका मिला है।
एमपीएचडब्ल्यू अभ्यर्थी महिलाओं का कहना है कि उनके लिखित परीक्षा में कट ऑफ से भी अधिक अंक हैं, लेकिन उनका चयन न करके कम अंकों वालों को नौकरी दी गई है। इस संबंध में जब भी आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की जाती है, तो कहा जाता है कि दस्तावेज अपलोड नहीं थे। लेकिन उनके पास अपलोड दस्तावेज के सबूत भी हैं, लेकिन कोई देखने को तैयार नहीं हैं। इसी प्रकार हिसार के विकास का कहना है कि उसने ग्रुप डी और सी दोनों की परीक्षा दी थी। ग्रुप डी के चयन में आयोग ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त पांच अंक दिए हैं, जबकि हाईकोर्ट ने इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं दिया है। इससे कम अंक वालों का चयन हो गया और अधिक अंक वाले बाहर हो गए।
नियुक्ति के लिए भटक रहा दिव्यांग
ग्रुप सी में एएलएम और एसए की कैटेगरी में वोकेशनल आईटीआई के अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया है, जबकि कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अधिक प्राप्त किए हैं और उनसे कम अंक वाले चयनित हो गए हैं। आयोग को लिखे पत्र में विनोद कुमार और संदीप कुमार ने कहा कि उनके अंक कट ऑफ से अधिक हैं। लेकिन आयोग उनको कोर्स को शामिल नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि ग्रुप नंबर 22 का परिणाम संशोधित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। ग्रुप सी की नौकरियों के परिणाम को संशोधित कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर डेरा डाल लिया है। इनमें अधिकतर अभ्यर्थी एमपीएचडब्ल्यू, फायरमैन और ग्रुप डी के अभ्यर्थी हैं। इनका आरोप है कि हाईकोर्ट से स्टे के बावूजद दोनों भर्तियों में आर्थिक, सामाजिक आधार के पांच अतिरिक्त अंक दिए गए, इस आधार पर मेरिट वाले अभ्यर्थी पिछड़ गए हैं और कम अंक वालों को मौका मिला है।
एमपीएचडब्ल्यू अभ्यर्थी महिलाओं का कहना है कि उनके लिखित परीक्षा में कट ऑफ से भी अधिक अंक हैं, लेकिन उनका चयन न करके कम अंकों वालों को नौकरी दी गई है। इस संबंध में जब भी आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की जाती है, तो कहा जाता है कि दस्तावेज अपलोड नहीं थे। लेकिन उनके पास अपलोड दस्तावेज के सबूत भी हैं, लेकिन कोई देखने को तैयार नहीं हैं। इसी प्रकार हिसार के विकास का कहना है कि उसने ग्रुप डी और सी दोनों की परीक्षा दी थी। ग्रुप डी के चयन में आयोग ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त पांच अंक दिए हैं, जबकि हाईकोर्ट ने इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं दिया है। इससे कम अंक वालों का चयन हो गया और अधिक अंक वाले बाहर हो गए।
विज्ञापन
नियुक्ति के लिए भटक रहा दिव्यांग
ग्रुप सी में एएलएम और एसए की कैटेगरी में वोकेशनल आईटीआई के अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया है, जबकि कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अधिक प्राप्त किए हैं और उनसे कम अंक वाले चयनित हो गए हैं। आयोग को लिखे पत्र में विनोद कुमार और संदीप कुमार ने कहा कि उनके अंक कट ऑफ से अधिक हैं। लेकिन आयोग उनको कोर्स को शामिल नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि ग्रुप नंबर 22 का परिणाम संशोधित किया जाए।
विज्ञापन