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बदल सकती है डॉ. पाली भूपिंदर के आरोपों की जांच के लिए बनाई कमेटी
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूसोल विभाग के पंजाबी के शिक्षक डॉ. पाली भूपिंदर के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी बदल सकती है। इस कमेटी के दो सदस्यों के नामों को लेकर आपत्ति दायर की गई थी।
बता दें डॉ. पाली भूपिंदर की पदोन्नति तीन साल से नहीं हो रही है। उन्होंने इसके लिए कई बार पीयू प्रशासन से संपर्क साधा। ई-मेल आदि भी लिखे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वह सिख हैं, इसलिए उनकी पदोन्नति नहीं की गई। यह मामला सुर्खियों में आ गया। पीयू ने स्टैंडिंग कमेटी को यह प्रकरण जांच के लिए सौंप दिया। कमेटी पर सवाल उठाए गए कि प्रो. सुखबीर कौर 60 साल की हो चुकी हैं, ऐसे में उन्हें कमेटी में नहीं रखा जा सकता। साथ ही पूर्व डीन भाषा डॉ. गुरपाल सिंह को न रखा जाए। सूत्रों का कहना है कि स्टैंडिंग कमेटी के नामों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी के चलते पीयू अब कमेटी बदलने जा रही है। इस कमेटी में तीन सदस्य होंगे। हालांकि यह कमेटी पुरानी ही है और पीयू के विवादित मामलों की सुनवाई करती है।
इनसेट---
13 पदों पर सिख नहीं
पीयू के कुछ लोगों की ओर से बनाई गई एक चिट्ठी शनिवार को कई सोशल मीडिया ग्रुप में दौड़ती दिखाई दी। उसमें लिखा था कि पीयू के 13 मुख्य पदों पर कोई सिख व्यक्ति काबिज नहीं है। चिट्ठी कितनी सही है, यह भी जांच का विषय है।
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बता दें डॉ. पाली भूपिंदर की पदोन्नति तीन साल से नहीं हो रही है। उन्होंने इसके लिए कई बार पीयू प्रशासन से संपर्क साधा। ई-मेल आदि भी लिखे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वह सिख हैं, इसलिए उनकी पदोन्नति नहीं की गई। यह मामला सुर्खियों में आ गया। पीयू ने स्टैंडिंग कमेटी को यह प्रकरण जांच के लिए सौंप दिया। कमेटी पर सवाल उठाए गए कि प्रो. सुखबीर कौर 60 साल की हो चुकी हैं, ऐसे में उन्हें कमेटी में नहीं रखा जा सकता। साथ ही पूर्व डीन भाषा डॉ. गुरपाल सिंह को न रखा जाए। सूत्रों का कहना है कि स्टैंडिंग कमेटी के नामों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी के चलते पीयू अब कमेटी बदलने जा रही है। इस कमेटी में तीन सदस्य होंगे। हालांकि यह कमेटी पुरानी ही है और पीयू के विवादित मामलों की सुनवाई करती है।
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13 पदों पर सिख नहीं
पीयू के कुछ लोगों की ओर से बनाई गई एक चिट्ठी शनिवार को कई सोशल मीडिया ग्रुप में दौड़ती दिखाई दी। उसमें लिखा था कि पीयू के 13 मुख्य पदों पर कोई सिख व्यक्ति काबिज नहीं है। चिट्ठी कितनी सही है, यह भी जांच का विषय है।
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