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Chandigarh News: सांसद से धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत पहुंचा कारोबारी
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चंडीगढ़। सांसद किरण खेर से करोड़ों रुपये के लेन-देन के विवाद में हाईकोर्ट से सुरक्षा मांगने वाले मनीमाजरा के कारोबारी व निवेश सलाहकार चैतन्य अग्रवाल ने अब जिला अदालत में आग्रिम जमानत याचिका दायर की है। यह याचिका सांसद खेर की ओर से पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत देने के बाद दायर की गई है। याचिकाकर्ता चैतन्य अग्रवाल को डर है कि सांसद की ओर से दी गई शिकायत के बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। याचिका पर वीरवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस, सांसद किरण खेर और उनके पीए सहदेव सलारिया को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर दिया। अदालत ने इन लोगों को खुद या फिर अपने वकील के जरिए पेश होने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
बता दें कि कारोबारी चैतन्य अग्रवाल ने सांसद और उनके पीए से जान का खतरा बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगी थी। इस पर हाईकोर्ट ने एसपी चंडीगढ़ और मनीमाजरा थाना पुलिस को आदेश दिया था कि वह याचिकाकर्ता और उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा मुहैया मुहैया करवाएं और उसके बाद इस बात की समीक्षा करें कि याचिकाकर्ता को आगे सुरक्षा की जरूरत है या नहीं।
हाईकोर्ट के आदेश पर जब मनीमाजरा थाना पुलिस सुरक्षा देने के लिए याचिकाकर्ता चैतन्य अग्रवाल के घर पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। इसी बीच सांसद किरण खेर ने चैतन्य अग्रवाल के खिलाफ निवेश कराने के नाम पर छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत एसएसपी चंडीगढ़ को दे दी। सांसद की शिकायत पर मामले की जांच कर रही सेक्टर-26 थाना पुलिस भी जांच में शामिल होने का नोटिस लेकर चैतन्य के घर पहुंची लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कारोबारी चैतन्य अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा।
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यह है मामला
सांसद ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया था कि अगस्त 2023 में चैतन्य अग्रवाल उनसे मिला और कुछ स्कीम बताकर पैसे निवेश करने की बात कही। खेर ने आरटीजीएस के माध्यम से अग्रवाल को 8 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। अग्रवाल ने उनको आश्वासन दिया था कि वह एक महीने में 18 फीसदी ब्याज के साथ उन्हें सारी रकम लौटा देगा। शिकायत में लिखा गया है कि अग्रवाल लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है। वह लोगों से निवेश के नाम पर रुपये ले लेता है और फिर उनका इस्तेमाल अपने बिजनेस में करता है। सांसद का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद चैतन्य ने केवल 2 करोड़ रुपये ही लौटाए। आरोप के मुताबिक, उसने एक चेक भी दिया जो बाउंस हो गया। दूसरी तरफ अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एक दिसंबर को सांसद ने उन्हें अपने घर बुलाकर प्रताड़ित किया था। उनके कपड़े उतरवाए, पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और चेक देने के बाद छोड़ा। साथ ही धमकी दी कि अगर 15 दिसंबर तक उन्होंने दोगुनी रकम नहीं दी तो उसे नतीजा भुगतना पड़ेगा। इसके बाद हाईपर टेंशन के चलते वह दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। फिर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सांसद और उनके पीए से जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी थी।
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बता दें कि कारोबारी चैतन्य अग्रवाल ने सांसद और उनके पीए से जान का खतरा बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगी थी। इस पर हाईकोर्ट ने एसपी चंडीगढ़ और मनीमाजरा थाना पुलिस को आदेश दिया था कि वह याचिकाकर्ता और उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा मुहैया मुहैया करवाएं और उसके बाद इस बात की समीक्षा करें कि याचिकाकर्ता को आगे सुरक्षा की जरूरत है या नहीं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर जब मनीमाजरा थाना पुलिस सुरक्षा देने के लिए याचिकाकर्ता चैतन्य अग्रवाल के घर पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। इसी बीच सांसद किरण खेर ने चैतन्य अग्रवाल के खिलाफ निवेश कराने के नाम पर छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत एसएसपी चंडीगढ़ को दे दी। सांसद की शिकायत पर मामले की जांच कर रही सेक्टर-26 थाना पुलिस भी जांच में शामिल होने का नोटिस लेकर चैतन्य के घर पहुंची लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कारोबारी चैतन्य अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा।
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यह है मामला
सांसद ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया था कि अगस्त 2023 में चैतन्य अग्रवाल उनसे मिला और कुछ स्कीम बताकर पैसे निवेश करने की बात कही। खेर ने आरटीजीएस के माध्यम से अग्रवाल को 8 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। अग्रवाल ने उनको आश्वासन दिया था कि वह एक महीने में 18 फीसदी ब्याज के साथ उन्हें सारी रकम लौटा देगा। शिकायत में लिखा गया है कि अग्रवाल लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है। वह लोगों से निवेश के नाम पर रुपये ले लेता है और फिर उनका इस्तेमाल अपने बिजनेस में करता है। सांसद का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद चैतन्य ने केवल 2 करोड़ रुपये ही लौटाए। आरोप के मुताबिक, उसने एक चेक भी दिया जो बाउंस हो गया। दूसरी तरफ अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एक दिसंबर को सांसद ने उन्हें अपने घर बुलाकर प्रताड़ित किया था। उनके कपड़े उतरवाए, पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और चेक देने के बाद छोड़ा। साथ ही धमकी दी कि अगर 15 दिसंबर तक उन्होंने दोगुनी रकम नहीं दी तो उसे नतीजा भुगतना पड़ेगा। इसके बाद हाईपर टेंशन के चलते वह दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। फिर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सांसद और उनके पीए से जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी थी।