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BSF का खास प्लान: सीमा पर ड्रोन मार गिराने वाली टीमों को एक लाख का इनाम, अब तक 22 का काम तमाम
Fri, 30 Dec 2022 02:26 PM IST
ajay kumar
पीटीआई, अमृतसर (पंजाब)
पीटीआई, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 30 Dec 2022 02:26 PM IST
सार
आंकड़ों के मुताबिक बीएसएफ ने 2020 और पिछले साल (जम्मू में 2020 और पंजाब में 2021 में) केवल एक-एक ड्रोन को मार गिराया था। मगर इस बार यह आंकड़ा 22 तक पहुंच गया है। लगभग 75 प्रतिशत ड्रोन पंजाब में देखे गए हैं। पाकिस्तान पंजाब में लगातार नशा और हथियारों की खेप भेजने की फिराक में लगा है। यही वजह है कि यहां ड्रोन की अधिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
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ड्रोन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन मार गिराने वाली टीम को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया है। पंजाब में ड्रोन से नशा और हथियारों की तस्करी तेजी से बढ़ी है। बीएसएफ राइफल फायरिंग या जैमिंग तकनीक से पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने वाली टीम को एक लाख रुपये की नकद राशि से प्रोत्साहित कर रही है। इससे पहले जालंधर स्थित बीएसएफ की पंजाब फ्रंटियर ने ड्रोन व नशा-हथियारों के तस्करों के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा की थी। इस साल सीमा पर 22 ड्रोनों को मार गिराने में बीएसएफ ने सफलता हासिल की। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि एक दर्जन से अधिक टीमों को इनाम दिया जा चुका है।
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आंकड़ों के मुताबिक बीएसएफ ने 2020 और पिछले साल (जम्मू में 2020 और पंजाब में 2021 में) केवल एक-एक ड्रोन को मार गिराया था। मगर इस बार यह आंकड़ा 22 तक पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के साथ लगने वाली 2,289 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन देखे जाने की संख्या 2020 में 77 से बढ़कर 2021 में 104 और इस साल 23 दिसंबर तक 311 हो गई है। इनमें से लगभग 75 प्रतिशत ड्रोन पंजाब में देखे गए हैं। पाकिस्तान पंजाब में लगातार नशा और हथियारों की खेप भेजने की फिराक में लगा है। यही वजह है कि यहां ड्रोन की अधिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
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ऐसे ड्रोनों को मार गिराते हैं जवान
सीमा सुरक्षा बल ने इलेक्ट्रॉनिक जैमर और स्पूफर्स को भी सीमा पर तैनात किया है। इसकी मदद से ड्रोन को रास्ता भटकाने और मार गिराने में मद्द मिलती है। जैमर और स्पूफर ऐसे गैजेट हैं जो विद्युत चुम्बकीय तरंगों का उत्सर्जन करते हैं और ड्रोन को नकली जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सिग्नल भेजते हैं और उन्हें बाद में 'सॉफ्ट किल' नामक डिवाइस के पायलट या जवानों द्वारा फायरिंग करके मार गिराया जाता है। 'हार्ड किल' नाम की बंदूक से जवान ड्रोन को मार गिराते हैं।
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बीएसएफ की मदद में लगे पंजाब पुलिस के 200 जवान
एक वरिष्ठ अधिकारी ने अधिक जानकारी देने से इनकार करते हुए बताया कि ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को जाम कर दिया और एक बार उपकरण हवा में स्थिर हो गया तो उसे मार गिराया गया। सीमा पर हिट टीमों को तैनात किया गया है। ड्रोन सीमा पर हथियार व नशीले पदार्थ गिराकर भले ही पाकिस्तान लौट जाए लेकिन तस्कर इस खेप को उठा नहीं पा रहे हैं। पंजाब पुलिस ने भी अपने 200 जवानों को बीएसएफ को उपलब्ध कराया है।