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रिश्वत कांडः 5 लाख की रिश्वत लेने वाली इंस्पेक्टर जसविंदर कौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Sat, 11 Jul 2020 01:49 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 01:49 PM IST
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पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सस्पेंड मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर की अग्रिम जमानत याचिका को सीबीआई अदालत ने खारिज कर दिया है। एसएचओ ने वीरवार को सीबीआई अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
अपने जवाब में सीबीआई ने कहा कि जसविंदर कौर की याचिका में दिए गए तथ्य और तर्क गलत हैं। बीते 21 जून की सीसीटीवी फुटेज शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह के सभी आरोपों की पुष्टि करती है। गुरदीप सिंह से जसविंदर कौर ने दबाव बनाकर ब्लैंक पेपर पर हस्ताक्षर कराए। सीसीटीवी फुटेज में कैद सारी वारदात सच की पुष्टि कर रही है।
सीबीआई ने कहा कि 30 जून को एसएचओ को फोन करके जांच में शामिल होने के लिए सेक्टर 30 सीबीआई कार्यालय बुलाया गया। कार्यालय न पहुंचने पर सीबीआई ने उसके जीरकपुर स्थित निवास स्थान पर भी छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिली। वह जानबूझकर फरार हो गई। उसका फोन भी बंद आने लगा।
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इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस केे अधिकारियों को नोटिस जारी कर जसविंदर के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। सीबीआई नेेे यह भी कहा कि भगवान सिंह को आरोपी बनाया गया है, जिसका सामना न करना पड़, इसके लिए जसविंदर कौर जांच में शामिल नहीं हुई। उसने भगवान सिंह, रणधीर सिंह और निरपिंदर के साथ मिलकर साजिश रची।
सीबीआई ने कहा कि उसेे पहली जांच में ही शामिल हो जाना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया इसलिए उसे हिरासत में लेना आवश्यक है। बता दें कि जसविंदर कौर ने याचिका में तर्क देते हुए कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
मामले के मुताबिक, मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने धोखाधड़ी मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की है। इसके बाद मामले की सूचना सीबीआई को दे दी गई। सूचना पर सीबीआई ने पहली किस्त के एक लाख रुपये की रिश्वत लेते बिचौलिए भगवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सीबीआई ने पेश की भगवान सिंह और जसविंदर की फोन रिकॉडिंग सीबीआई ने अदालत को जसविंदर कौर और भगवान सिंह के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पेश की। रिकॉर्डिंग पेश करते हुए सीबीआई ने कहा कि जसविंदर कौर के कहने पर भगवान सिंह ने गुरदीप सिंह से रिश्वत की मांग की और उसे रिसीव भी किया। दोनों ने पैसों के लिए गुरदीप सिंह का मानसिक उत्पीड़न भी किया। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई अदालत ने एसएचओ की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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अपने जवाब में सीबीआई ने कहा कि जसविंदर कौर की याचिका में दिए गए तथ्य और तर्क गलत हैं। बीते 21 जून की सीसीटीवी फुटेज शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह के सभी आरोपों की पुष्टि करती है। गुरदीप सिंह से जसविंदर कौर ने दबाव बनाकर ब्लैंक पेपर पर हस्ताक्षर कराए। सीसीटीवी फुटेज में कैद सारी वारदात सच की पुष्टि कर रही है।
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सीबीआई ने कहा कि 30 जून को एसएचओ को फोन करके जांच में शामिल होने के लिए सेक्टर 30 सीबीआई कार्यालय बुलाया गया। कार्यालय न पहुंचने पर सीबीआई ने उसके जीरकपुर स्थित निवास स्थान पर भी छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिली। वह जानबूझकर फरार हो गई। उसका फोन भी बंद आने लगा।
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इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस केे अधिकारियों को नोटिस जारी कर जसविंदर के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। सीबीआई नेेे यह भी कहा कि भगवान सिंह को आरोपी बनाया गया है, जिसका सामना न करना पड़, इसके लिए जसविंदर कौर जांच में शामिल नहीं हुई। उसने भगवान सिंह, रणधीर सिंह और निरपिंदर के साथ मिलकर साजिश रची।
सीबीआई ने कहा कि उसेे पहली जांच में ही शामिल हो जाना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया इसलिए उसे हिरासत में लेना आवश्यक है। बता दें कि जसविंदर कौर ने याचिका में तर्क देते हुए कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
मामले के मुताबिक, मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने धोखाधड़ी मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की है। इसके बाद मामले की सूचना सीबीआई को दे दी गई। सूचना पर सीबीआई ने पहली किस्त के एक लाख रुपये की रिश्वत लेते बिचौलिए भगवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सीबीआई ने पेश की भगवान सिंह और जसविंदर की फोन रिकॉडिंग सीबीआई ने अदालत को जसविंदर कौर और भगवान सिंह के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पेश की। रिकॉर्डिंग पेश करते हुए सीबीआई ने कहा कि जसविंदर कौर के कहने पर भगवान सिंह ने गुरदीप सिंह से रिश्वत की मांग की और उसे रिसीव भी किया। दोनों ने पैसों के लिए गुरदीप सिंह का मानसिक उत्पीड़न भी किया। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई अदालत ने एसएचओ की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।