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बंधन में पैदा हुए पर बंधनों को स्वीकार नहीं किया: रसिक महाराज
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चंडीगढ़। सेक्टर-56 के दशहरा मैदान में नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान भारतवर्ष की ओर से आयोजित कृष्ण कथा गोपी गीत महायज्ञ के सातवें दिन पूरा पांडाल राधा कृष्ण की भक्ति में रंग गया। कथा व्यास बद्रीनाथ धाम के प्रमुख संत नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जैसा व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार प्रकट हो पाता है।
इस मां भारती की कोख से तो अनेक महापुरुषों का अवतरण हुआ लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसा विराट व्यक्तित्व कोई अन्य नहीं हुआ है। बंधन में पैदा हुए पर बंधनों को स्वीकार नहीं किया और मुक्त होकर जिए। जीवन जैसा था वैसा ही स्वीकार किया, किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं और कोई अस्वीकारोक्ति भी नहीं। जैसी भी परिस्थिति हो, मुस्कुराने और पूरे मनोयोग से उसका सामना करने की सीख श्रीकृष्ण के जीवन ने हम सबको प्रदान की।
लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रज्ञा पुरुष, ज्ञानवान, गायक, संगीतज्ञ, योद्धा, योगी, राजा, मित्र, प्रेमी, पुत्र कोई दूसरा नहीं हो पाया। जब तक गोकुल-वृंदावन में रहे, ग्वाल बाल बनकर रहे, आनंद व प्रसन्नता के साथ जिए और जब द्वारिकाधीश बनकर द्वारिका की सत्ता पर विराजमान हुए तो उसी आनंद-प्रसन्नता और सहजता के साथ रहे। विषाद से प्रसाद तक की यात्रा का संदेश भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सबको प्रदान करता है।
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कथा में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश के सहप्रभारी संजय टंडन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, भाजपा महामंत्री रामवीर भट्टी, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हीरा नेगी, भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा, समाजसेवी रोशन लाल बडोनी ने कथा में पहुंचकर व्यासपीठ पर विराजमान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज का आशीर्वाद लिया।
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इस मां भारती की कोख से तो अनेक महापुरुषों का अवतरण हुआ लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसा विराट व्यक्तित्व कोई अन्य नहीं हुआ है। बंधन में पैदा हुए पर बंधनों को स्वीकार नहीं किया और मुक्त होकर जिए। जीवन जैसा था वैसा ही स्वीकार किया, किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं और कोई अस्वीकारोक्ति भी नहीं। जैसी भी परिस्थिति हो, मुस्कुराने और पूरे मनोयोग से उसका सामना करने की सीख श्रीकृष्ण के जीवन ने हम सबको प्रदान की।
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लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रज्ञा पुरुष, ज्ञानवान, गायक, संगीतज्ञ, योद्धा, योगी, राजा, मित्र, प्रेमी, पुत्र कोई दूसरा नहीं हो पाया। जब तक गोकुल-वृंदावन में रहे, ग्वाल बाल बनकर रहे, आनंद व प्रसन्नता के साथ जिए और जब द्वारिकाधीश बनकर द्वारिका की सत्ता पर विराजमान हुए तो उसी आनंद-प्रसन्नता और सहजता के साथ रहे। विषाद से प्रसाद तक की यात्रा का संदेश भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सबको प्रदान करता है।
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कथा में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश के सहप्रभारी संजय टंडन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, भाजपा महामंत्री रामवीर भट्टी, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हीरा नेगी, भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा, समाजसेवी रोशन लाल बडोनी ने कथा में पहुंचकर व्यासपीठ पर विराजमान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज का आशीर्वाद लिया।