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Hindi News ›   Chandigarh ›   Black Out due to No Inverter in geeta janm sthan at Kurukshetra of Haryana

अव्यवस्था: 4 करोड़ खर्च...फिर भी गीता जन्मस्थली में छाया रहता अंधेरा, श्रद्धालु नहीं कर पाते पाठ

Fri, 30 Nov 2018 11:38 AM IST
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा) Updated Fri, 30 Nov 2018 11:38 AM IST
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Black Out due to No Inverter in geeta janm sthan at Kurukshetra of Haryana
ज्योतिसर कुरुक्षेत्र
दो जयंती समारोहों में खर्च कर दिए पौने चार करोड़ रुपये, फिर भी गीता जन्मस्थली में अंधेरा छाया रहता है, जिस वजह से श्रद्धालु पाठ नहीं कर पाते। केडीबी ने जिस पवित्र ग्रंथ गीता के नाम पर आयोजित दो जयंती समारोहों में पौने चार करोड़ से अधिक रुपये टेंट पर खर्च दिए उसकी जन्मस्थली पर एक इनवर्टर तक नहीं लगा सका है। बिजली नहीं होने से मुंबई के 52 श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में ज्योतिसर में गीता का पाठ नहीं कर सके और निराश होकर लौट गए।
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यह विडंबना उस तीर्थ गीता जन्मस्थली ज्योतिसर की है, जिसकी वजह से पूरे विश्व में धर्मक्षेत्र का नाम गूंजता है। करीब 5200 वर्ष पहले इसी जगह पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। सदियों से गीता जन्मस्थली ज्योतिसर से पूरी दुनिया में कर्म के संदेश का प्रकाश फैल रहा है, लेकिन वही स्थल बिजली गुल होने पर अंधेरे में डूब जाता है। मुंबई से स्वामी पांडुरंग आठवले के 52 शिष्य ज्योतिसर पहुंचे थे। वह ब्रह्म मुहूर्त में गीता के 18 अध्यायों का पाठ करना चाहते थे।
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यह पाठ सुबह साढ़े चार से सात बजे तक चलना था, लेकिन इस दौरान बिजली नहीं होने की वजह से तीर्थ अंधेरे में डूबा रहा, जिस कारण गीता का पाठ नहीं हो सका और बगैर जाप किये आठवले के शिष्य लौट गए। बता दें कि पिछले वर्ष गीता जयंती उत्सव पर ढाई करोड़ रुपये पंडाल (टेंट) पर और ढाई करोड़ लाइट एंड साउंड पर खर्च किया गया था। इस बार एक करोड़ 31 लाख रुपये पंडाल पर और लाइट एंड साउंड (मल्टी मीडिया शो) पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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एनडीए सरकार में हाटलाइन पर था ज्योतिसर

जय भगवत गीता सेवा समिति के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ने बताया कि एनडीए सरकार में केंद्रीय संस्कृति मंत्री रहे जगमोहन ने डेढ़ दशक पहले गीता जन्मस्थली ज्योतिसर को हाट लाइन से जुड़वाया था। एनडीए की सरकार जाने के बाद से यह तीर्थ हाटलाइन पर नहीं है। लाइट जाने की स्थिति में यह प्रमुख स्थल घंटों तक अंधेरे में डूबा रहता है।

टूरिस्ट गाइड बोला-जनरेटर न सही इनवर्टर ही लगवा दो
टूरिस्ट गाइड रंजन सोनी ने तीर्थ की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केडीबी गीता के नाम पर हर वर्ष उत्सव पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन जनरेटर तो दूर इनवर्टर तक नहीं लगा पाया। ब्रह्ममुहुर्त में बिजली गुल होने पर श्रद्धालु अक्सर गीता पाठ से वंचित रह जाते हैं।

केडीबी के एसडीओ (इलेक्ट्रिक) अमन कुमार का कहना है कि कोई भी स्ट्रीट लाइट जनरेटर या इनवर्टर पर नहीं होती। हालांकि, मेगा फेस्टिवल व मेले के दौरान जनरेटर का प्रबंध किया जाता है। विकल्प के तौर पर सोलर स्ट्रीट लाइट का प्रबंध करने के सवाल पर एसडीओ ने कहा कि यह प्रपोजल बन सकता है, अगर केडीबी के उच्चाधिकारी चाहें तो।

केडीबी सीईओ बोले इस पर रिपोर्ट लेकर व्यवस्था करेंगे
सिटी मजिस्ट्रेट एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संयम गर्ग ने कहा कि मामला संज्ञान में पहली बार आया है। संबंधित ब्रांच अधिकारी से रिपोर्ट लेंगे। श्रद्धालुओं की आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जाएगी।
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