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Chandigarh News: घर-घर दस्तक दे अपनी खासियतों के साथ कांग्रेस की खामियों को गिनाएंगे भाजपाई
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-रोहतक में हुई भाजपा की अहम बैठक में लिया गया फैसला
-भाई भतीजावाद, पर्ची खर्ची और क्षेत्रवाद को बनाया जाएगा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद और विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में बने माहौल को तोड़ने के लिए भाजपा ने रोडमैप तैयार कर लिया है। रणनीति के तहत भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे। इस दौरान भाजपाई न केवल अपनी सरकार की खासियतों का जिक्र करेंगे, बल्कि ये भी बताएंगे कि अगर हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनी तो तो उनका क्या नुकसान होगा। खासकर भाई-भतीजावाद, पर्ची-खर्ची और नौकरियों की बंदरबांट का जिक्र करेंगे।
ये फैसला रोहतक में हुई हरियाणा भाजपा की अहम बैठक में लिया गया। बैठक में पहले जिला प्रभारियों से लेकर जिलाध्यक्षों तक से फीडबैक लिया गया। बैठक में तीसरी बार हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने पर मंथन किया गया। इस दौरान कई सुझाव भी आए और कुछ खामियों को दूर करने की बात भी कही गई। खास बात ये है कि पूरी बैठक में कांग्रेस को घेरने को लेकर रणनीति बनाने पर फोकस रहा। लोकसभा चुनाव मेंं पांच सीटें जीतने के बाद उत्साहित कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने आगामी दो माह की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक जिले और ब्लॉक से लेकर मंडल स्तर तक कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे।
लोकसभा चुनाव की तर्ज पर कार्यकर्ता भाजपा सरकार के कार्यों का गुणगान करने के साथ कांग्रेस सरकार के समय की खामियों को उठाया जाएगा। इसके लिए खासतौर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और कुछ चुनिंदा मुद्दों को उठाया जाएगा। इनमें सबसे पहले रोजगार का मुद्दा होगा। क्योंकि कांग्रेस के समय नौकरियों को क्षेत्रवाद और जातिवाद के आधार पर देने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार ने मेरिट मिशन को आधार बनाते हुए विपक्ष पर हमला बोला है। भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर ये भी बताएंगे कि अगर हरियाणा में कांग्रेस की सरकार आई तो भाई भतीजावाद चलेगा। नौकरियां मेरिट से हिसाब से नहीं, बल्कि पर्ची-खर्ची से मिलेंगी। दूसरा, कर्मचारियों के तबादलों को लेकर फिर से दलालों का जमावाड़ा लगने लगेगा और लोगों को जो सेवाएं ऑनलाइन घर बैठे मिल रही हैं, उसके लिए फिर से कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे।
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दलितों, पिछड़ों और किसानों पर विशेष फोकस
बैठक में दलितों, पिछड़ों और किसानों पर विशेष फोकस रहा। इस बार लोकसभा चुनावों में तीनों वर्गों का वोट बैंक भाजपा की छिटक कर कांग्रेस की तरफ गया है, जिसके चलते भाजपा को प्रदेश में पांच सीटें गंवानी पड़ी हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए भाजपा हाईकमान ने तीनों ही वर्गों को साधने के लिए रणनीति तैयार करने को कहा है। इस सयम प्रदेश सरकार की जितनी भी योजनाएं चल रही हैं, उनमें खासतौर पर बीपीएल और गरीब परिवारों को अधिक तवज्जो दी जा रही है, लेकिन कांग्रेस द्वारा आरक्षण खत्म किए जाने का दलितों पर अधिक प्रभाव है। बैठक में सरकार को सलाह दी गई है कि आगामी दो माह में खासकर तीनों वर्गों को राहत देने वाली योजनाएं शुरू की जाएं, जिससे इनका वोट बैंक दोबारा से भाजपा की तरफ आ सके।
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-भाई भतीजावाद, पर्ची खर्ची और क्षेत्रवाद को बनाया जाएगा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद और विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में बने माहौल को तोड़ने के लिए भाजपा ने रोडमैप तैयार कर लिया है। रणनीति के तहत भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे। इस दौरान भाजपाई न केवल अपनी सरकार की खासियतों का जिक्र करेंगे, बल्कि ये भी बताएंगे कि अगर हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनी तो तो उनका क्या नुकसान होगा। खासकर भाई-भतीजावाद, पर्ची-खर्ची और नौकरियों की बंदरबांट का जिक्र करेंगे।
ये फैसला रोहतक में हुई हरियाणा भाजपा की अहम बैठक में लिया गया। बैठक में पहले जिला प्रभारियों से लेकर जिलाध्यक्षों तक से फीडबैक लिया गया। बैठक में तीसरी बार हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने पर मंथन किया गया। इस दौरान कई सुझाव भी आए और कुछ खामियों को दूर करने की बात भी कही गई। खास बात ये है कि पूरी बैठक में कांग्रेस को घेरने को लेकर रणनीति बनाने पर फोकस रहा। लोकसभा चुनाव मेंं पांच सीटें जीतने के बाद उत्साहित कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने आगामी दो माह की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक जिले और ब्लॉक से लेकर मंडल स्तर तक कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे।
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लोकसभा चुनाव की तर्ज पर कार्यकर्ता भाजपा सरकार के कार्यों का गुणगान करने के साथ कांग्रेस सरकार के समय की खामियों को उठाया जाएगा। इसके लिए खासतौर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और कुछ चुनिंदा मुद्दों को उठाया जाएगा। इनमें सबसे पहले रोजगार का मुद्दा होगा। क्योंकि कांग्रेस के समय नौकरियों को क्षेत्रवाद और जातिवाद के आधार पर देने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार ने मेरिट मिशन को आधार बनाते हुए विपक्ष पर हमला बोला है। भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर ये भी बताएंगे कि अगर हरियाणा में कांग्रेस की सरकार आई तो भाई भतीजावाद चलेगा। नौकरियां मेरिट से हिसाब से नहीं, बल्कि पर्ची-खर्ची से मिलेंगी। दूसरा, कर्मचारियों के तबादलों को लेकर फिर से दलालों का जमावाड़ा लगने लगेगा और लोगों को जो सेवाएं ऑनलाइन घर बैठे मिल रही हैं, उसके लिए फिर से कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे।
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दलितों, पिछड़ों और किसानों पर विशेष फोकस
बैठक में दलितों, पिछड़ों और किसानों पर विशेष फोकस रहा। इस बार लोकसभा चुनावों में तीनों वर्गों का वोट बैंक भाजपा की छिटक कर कांग्रेस की तरफ गया है, जिसके चलते भाजपा को प्रदेश में पांच सीटें गंवानी पड़ी हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए भाजपा हाईकमान ने तीनों ही वर्गों को साधने के लिए रणनीति तैयार करने को कहा है। इस सयम प्रदेश सरकार की जितनी भी योजनाएं चल रही हैं, उनमें खासतौर पर बीपीएल और गरीब परिवारों को अधिक तवज्जो दी जा रही है, लेकिन कांग्रेस द्वारा आरक्षण खत्म किए जाने का दलितों पर अधिक प्रभाव है। बैठक में सरकार को सलाह दी गई है कि आगामी दो माह में खासकर तीनों वर्गों को राहत देने वाली योजनाएं शुरू की जाएं, जिससे इनका वोट बैंक दोबारा से भाजपा की तरफ आ सके।