{"_id":"593584744f1c1b841c9c7e64","slug":"big-fraud-of-25-lakh-on-the-name-of-amit-shah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'मेरी अमित शाह से अच्छी जान-पहचान है'...और ठग लिए 25 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'मेरी अमित शाह से अच्छी जान-पहचान है'...और ठग लिए 25 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Tue, 06 Jun 2017 09:19 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के एक व्यक्ति ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से रिश्तेदारी बताकर हरियाणा के सुनारिया कलां के एक किसान से 25 लाख रुपये ठग लिये। आरोपी ने अमित शाह से पहचान होने का दावा कर किसान से उसके बेटे को सिंचाई विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इस संबंध में शिवाजी कालोनी थाने में दिल्ली के दरियावपुरी निवासी देवेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
सुनारिया कलां निवासी सुरेंद्र ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। सुरेंद्र की खेड़ीसाध निवासी एक व्यक्ति से काफी समय से दोस्ती है। सुरेंद्र का कहना है कि वह 2015 में खेड़ीसाध में अपने दोस्त के घर गये थे। कुछ ही देर बाद आरोपी देवेंद्र भी आ गया। तीनों के बीच सरकारी नौकरी को लेकर बातचीत चल रही थी। तभी देवेंद्र ने कहा कि उसकी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंच है। शाह के साले से अच्छी दोस्ती है। यदि शाह के साले से कुछ भी काम बोलेंगे तो आसानी से हो जाएगा। आरोपी ने सुरेंद्र से उसके बेटे को सरकारी नौकरी पर लगवाने की बात कही। उसी दौरान कई विभागों में रिक्त पदों में लिए आवेदन मांगे गये थे।
आरोपी ने सुरेंद्र से कहा कि वह उसके बेटे को सिंचाई विभाग में जेई के पद पर नियुक्त करवा देगा। इसके एवज में आरोपी ने सुरेंद्र से 25 लाख रुपये की मांग की। सुरेंद्र का कहना है कि उसने देवेंद्र को एक सप्ताह बाद ही 15 लाख रुपये कैश दिये थे। इसके बाद आरोपी ने कहा था कि कुछ ही दिनों में लिस्ट आ जाएगी। लिस्ट लगने से करीब तीन दिन पहले आरोपी ने सुरेंद्र से 10 लाख रुपये और मांगे। देवेंद्र ने कहा कि पूरे रुपये मिलने के बाद ही लिस्ट में नाम आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुनारिया कलां निवासी सुरेंद्र ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। सुरेंद्र की खेड़ीसाध निवासी एक व्यक्ति से काफी समय से दोस्ती है। सुरेंद्र का कहना है कि वह 2015 में खेड़ीसाध में अपने दोस्त के घर गये थे। कुछ ही देर बाद आरोपी देवेंद्र भी आ गया। तीनों के बीच सरकारी नौकरी को लेकर बातचीत चल रही थी। तभी देवेंद्र ने कहा कि उसकी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंच है। शाह के साले से अच्छी दोस्ती है। यदि शाह के साले से कुछ भी काम बोलेंगे तो आसानी से हो जाएगा। आरोपी ने सुरेंद्र से उसके बेटे को सरकारी नौकरी पर लगवाने की बात कही। उसी दौरान कई विभागों में रिक्त पदों में लिए आवेदन मांगे गये थे।
विज्ञापन
आरोपी ने सुरेंद्र से कहा कि वह उसके बेटे को सिंचाई विभाग में जेई के पद पर नियुक्त करवा देगा। इसके एवज में आरोपी ने सुरेंद्र से 25 लाख रुपये की मांग की। सुरेंद्र का कहना है कि उसने देवेंद्र को एक सप्ताह बाद ही 15 लाख रुपये कैश दिये थे। इसके बाद आरोपी ने कहा था कि कुछ ही दिनों में लिस्ट आ जाएगी। लिस्ट लगने से करीब तीन दिन पहले आरोपी ने सुरेंद्र से 10 लाख रुपये और मांगे। देवेंद्र ने कहा कि पूरे रुपये मिलने के बाद ही लिस्ट में नाम आएगा।
विज्ञापन
प्लाट बेचकर किया था 25 लाख का जुगाड़
पहली लिस्ट से नाम गायब फिर वेटिंग लिस्ट का दिया लालच
कु छ दिन बाद जब लिस्ट लगी तो उसमें सुरेंद्र के बेटे का नाम नहीं था। इस पर सुरेंद्र ने आरोपी से बेटे का नाम न आने का कारण पूछा तो उसने कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम आएगा। इसी तरह आरोपी करीब चार महीने तक सुरेंद्र के साथ टाल मटोल करता रहा। बाद में वेटिंग लिस्ट ही नहीं आई। फिर सुरेंद्र ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे। पहले तो आरोपी ने रुपये देने की बात कही। बाद में अपना नंबर ही बदल लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
प्लाट बेचकर किया था 25 लाख का जुगाड़
सुरेंद्र ने बताया कि सरकारी नौकरी के लालच में उसने अपना सुनारिया का प्लाट बेच दिया था। प्लाट बेचने के बाद सुरेंद्र ने आरोपी को 25 लाख रुपये दिये थे। मगर अब आरोपी का कोई सुराग नहीं है। सुरेंद्र का कहना है कि वे कई बार दिल्ली स्थित आरोपी के घर भी गए थे। यहां पर उसकी पत्नी व बच्चे थे। जब उनसे देवेंद्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे उसके बारे में नहीं जानते।
कई अन्य लोगों को भी ले रखा है झांसे में
आरोपी देवेंद्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से नजदीकियां बताकर कई विभागों में नौकरी लगवाने का दावा करता था। वह कहता था कि उसकी पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर, सिंचाई विभाग सहित अन्य बड़े विभागों में सेटिंग है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र ने सुरेंद्र के अलावा इसी तरह कई अन्य लोगों के साथ ही लाखों रुपयों की ठगी कर रखी है। मामले में हैड कांस्टेबल अरविंद का कहना है कि आरोपी का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी।
कु छ दिन बाद जब लिस्ट लगी तो उसमें सुरेंद्र के बेटे का नाम नहीं था। इस पर सुरेंद्र ने आरोपी से बेटे का नाम न आने का कारण पूछा तो उसने कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम आएगा। इसी तरह आरोपी करीब चार महीने तक सुरेंद्र के साथ टाल मटोल करता रहा। बाद में वेटिंग लिस्ट ही नहीं आई। फिर सुरेंद्र ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे। पहले तो आरोपी ने रुपये देने की बात कही। बाद में अपना नंबर ही बदल लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
प्लाट बेचकर किया था 25 लाख का जुगाड़
सुरेंद्र ने बताया कि सरकारी नौकरी के लालच में उसने अपना सुनारिया का प्लाट बेच दिया था। प्लाट बेचने के बाद सुरेंद्र ने आरोपी को 25 लाख रुपये दिये थे। मगर अब आरोपी का कोई सुराग नहीं है। सुरेंद्र का कहना है कि वे कई बार दिल्ली स्थित आरोपी के घर भी गए थे। यहां पर उसकी पत्नी व बच्चे थे। जब उनसे देवेंद्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे उसके बारे में नहीं जानते।
कई अन्य लोगों को भी ले रखा है झांसे में
आरोपी देवेंद्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से नजदीकियां बताकर कई विभागों में नौकरी लगवाने का दावा करता था। वह कहता था कि उसकी पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर, सिंचाई विभाग सहित अन्य बड़े विभागों में सेटिंग है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र ने सुरेंद्र के अलावा इसी तरह कई अन्य लोगों के साथ ही लाखों रुपयों की ठगी कर रखी है। मामले में हैड कांस्टेबल अरविंद का कहना है कि आरोपी का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी।