फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Big disclosure come to NGT court in Dadam mining accident in Bhiwani

डाडम खनन हादसा: खनन एजेंसी से पर्यावरण को हुए नुकसान की लागत वसूलने का आदेश

Sun, 28 Aug 2022 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 28 Aug 2022 01:55 PM IST
सार

सेटेलाइट इमेज, हरसेक रिपोर्ट ने कम्पनी और सरकार के झूठ की पोल खोल दी है। माइनिंग एरिया की तारबंदी करके सील करने के आदेश दिए गए हैं। गोवर्धन माइंस और सुंदर माइंस खनन कंपनी से दो महीने के अंदर करीबन 70 करोड़ का जुर्माना वसूला जाए। 

विज्ञापन
Big disclosure come to NGT court in Dadam mining accident in Bhiwani
डाडम खनन हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने डाडम पहाड़ी में अवैध खनन को लेकर परियोजना प्रस्तावक (खनन एजेंसी) से अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान की लागत वसूलने का फैसला सुनाया है। इसके लिए एनजीटी ने गोवा फाउंडेशन, वेल्लोर नागरिक कल्याण फोरम के केसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसलों का हवाला दिया है। 

विज्ञापन


एनजीटी ने कुल खनन मूल्य पर दस प्रतिशत का जुर्माना करने के आदेश दिया। इसके लिए प्रदेश सरकार और खान सुरक्षा विभाग धनबाद को कुल खनन मूल्य का आकलन कर तीन माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। एक जनवरी 2022 को डाडम पहाड़ी में अवैध खनन के दौरान भूस्खलन में पांच श्रमिकों की मौत हो गई थी। 
विज्ञापन


एनजीटी के निर्देश पर न्यायमूर्ति प्रीतम पाल के नेतृत्व में सात सदस्यीय पैनल और आठ सदस्यीय संयुक्त समिति ने डाडम में अवैध खनन की पुष्टि की। एनजीटी की पीठ ने 22 अगस्त को सुनाए फैसले में कहा कि मेसर्स गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स ने अनुमेय क्षेत्र से परे और योजना के उल्लंघन में अवैध रूप से खनन किया है, जैसा कि सेटेलाइट इमेज से पुष्टि की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
पीठ ने कहा है कि वह पट्टे की सीमा के साथ 7.5 मीटर चौड़ाई की आवश्यक हरित पट्टी और खनन क्षेत्र के अंदर एक सुरक्षा क्षेत्र प्रदान करने में विफल रही है। एनजीटी ने कहा है कि मुआवजे का आकलन किया जाना चाहिए और पीपी (परियोजना प्रस्तावक) से वसूल किया जाना चाहिए। अवैध रूप से खनन सामग्री की लागत के अलावा वृक्षारोपण को नुकसान की बहाली की लागत भी वसूली जानी चाहिए। 

रिपोर्ट में डाडम डिस्ट्रीब्यूटरी को नुकसान पहुंचाने का भी हवाला दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग ने विशेष पर्यावरण न्यायालय, कुरुक्षेत्र में 1.241 हेक्टेयर से अधिक के अवैध खनन के लिए मेसर्स सुंदर मार्केटिंग और 0.097 हेक्टेयर से अधिक के मेसर्स गोवर्धन माइंस के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

एनजीटी के आदेश में भविष्य के लिए सुधारात्मक कार्रवाई और अतीत के लिए जवाबदेही तय करने की बात भी कही है। समिति में प्रदेश सरकार की तरफ से मुख्य सचिव, खनन, एचएसपीसीबी के अलावा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, भारतीय खान ब्यूरो, धनबाद और प्रधान मुख्य वन संरक्षण (पीसीसीएफ), हरियाणा, सदस्य के रूप में होंगे। समिति पिछले पीपी के संबंध में भी पर्यावरण को होने वाले नुकसान की लागत को अंतिम रूप देगी। जिला खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने इस बाबत बताया कि अभी हमारे पास ऑर्डर नहीं आए हैं। ऑर्डर आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 


खनन सामग्री के मूल्य के 10 प्रतिशत पर अंतरिम मुआवजा तय हो
एनजीटी ने कहा है कि अवैध खनन के लिए पहले से निर्धारित खनन सामग्री की लागत के बराबर जुर्माने को अंतिम माना जाना चाहिए। एनजीटी ने वर्तमान पीपी पर पर्यावरण को नुकसान की लागत 7.5 करोड़ रुपये पर विचार करने के बजाय खनन सामग्री के मूल्य के 10 प्रतिशत पर अंतरिम मुआवजा तय किए जाने की बात कही है। इसका निर्णय तीन माह के अंदर संयुक्त समिति द्वारा निर्धारित किया जाए।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed