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आयो फगवा बृज देखन को चलो री.. राग वसंत से बांधा समा

Mon, 22 Mar 2021 02:37 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 02:37 AM IST
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Bhaskar Rao Dance  Conference at Tagore Theater
चंडीगढ़। आयो फगवा बृज देखन को चलो री.. राग वसंत गाकर शास्त्रीय गायक पंडित अंबरीश दास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था टैगोर थिएटर में प्राचीन कला केंद्र की ओर से आयोजित भास्कर राव नृत्य व संगीत सम्मेलन के छठे दिन का। रविवार को हुए इस कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन के साथ कथक की प्रस्तुति देख दर्शक खुश हो गए।
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कोलकाता के शास्त्रीय गायक पंडित अंबरीश दास ने बताया कि चंडीगढ़ में यह पहला लाइव शो है। इसको लेकर वह काफी उत्साहित है। अंबरीश दास ने शास्त्रीय गायन के साथ बॉलीवुड फिल्म जल के लिए भी संगीत दिया है। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत राग यमन कल्याण में आलाप से की। इसके बाद विलंबित एक ताल में निबद्ध बंदिश कजरा कैसे डालू.. पेश की। द्रुत लय में तीन ताल में निबद्ध एक रचना अवगुण ना कीजिए गुनी संग से.. सुनाकर माहौल को रोमांचक बना दिया। इनके साथ तबले पर देबाशीष अधिकारी ने संगत की। कोलकाता के रहने वाले अंबरीश दास ने संगीत की शिक्षा अपने गुरु पुष्पन सेन , अलोक चटर्जी से प्राप्त की। इसके बाद किराना घराने के उस्ताद मश्कूर अली खान साहिब से गुरु शिष्य परंपरा के तहत संगीत की बारीकियां सीखीं। अंबरीश दूरदर्शन के ए ग्रेड कलाकार हैं।
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डॉ. समीरा कौसर ने कथक से मोहा मन
दूसरे कार्यक्रम में प्राचीन कला केंद्र की ही डॉ. समीरा कौसर ने कथक की प्रस्तुति दी। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमयी श्लोक से की। इसके उपरांत जयपुर घराने के तकनीकी पक्ष को खूबसूरत तोड़े, टुकड़े, गत, निकास, चक्कर के अलावा पैरों की चालें आदि का सुंदर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने भाव पक्ष पर आधारित रचना अहिल्या पर प्रस्तुति दी। इसमें उन्होंने देवी अहिल्या के अनदेखे अनसुने भाव और हृदय के उदगारों का प्रदर्शन नृत्य के माध्यम से किया। इस प्रस्तुति से समीरा ने अहिल्या के पथराये जाने पर दु:ख जताया और एक स्त्री के मनोभावों को पेश किया। डॉ. कौसर जयपुर घराने की कथक नृतकी हैं। वह शहर में युवाओं को कथक और शास्त्रीय संगीत की कक्षाएं भी देती हैं। डॉ. समीरा कौसर के साथ मंच पर पंडित ब्रिज मोहन गंगानी, तबले पर उस्ताद शकील अहमद और महमूद खान, गायन पर पंडित माधो प्रसाद, सितार पर सलीम कुमार और बांसुरी पर विनय प्रसन्ना ने संगत की। कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष एसके मोंगा व सचिव सजल कौसर भी मौजूद रहे।
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