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Chandigarh News: भरतनाट्यम की प्रस्तुति ने मोहा मन
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चंडीगढ़। सेक्टर-35 के प्राचीन कला केंद्र के एमएल कौसर सभागार में मासिक बैठक की शृंखला के तहत बुधवार को शिल्पा ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी गई। शिल्पा ने कार्यक्रम की शुरुआत राग नट्टई और आदि ताल में निबद्ध गणेश कौथ्वम से की। इसमें हाथी के सिर वाले भगवान श्री गणेश की मौजूदगी का आह्वान किया गया।
इसके बाद तिश्र अलारिप्पु पेश किया गया जो कि ताल तिश्र से सजा भरतनाट्यम के एक पारंपरिक क्रम को दिखाता है। इसमें पारंपरिक नृत्य की ताल और लय आधारित एक केंद्रीय प्रस्तुति है। इसके उपरांत शिव शब्दम पेश किया गया। नृत्य के माध्यम से दिखाया गया कि अपने प्रेमी की बेवफाई का पता चलने के बाद सही मायने में गुस्से में है।
कार्यक्रम के अंत में शिल्पा ने निबद्ध पेश किया। इस प्रस्तुति में एक मां और उसके बच्चे के बीच के कोमल, चंचल रिश्ते पर आधारित रचना पेश की गयी। इसमें भगवान कृष्ण और मां यशोदा के खूबसूरत ममतामयी भावों का प्रस्तुतीकरण है।
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इसके बाद तिश्र अलारिप्पु पेश किया गया जो कि ताल तिश्र से सजा भरतनाट्यम के एक पारंपरिक क्रम को दिखाता है। इसमें पारंपरिक नृत्य की ताल और लय आधारित एक केंद्रीय प्रस्तुति है। इसके उपरांत शिव शब्दम पेश किया गया। नृत्य के माध्यम से दिखाया गया कि अपने प्रेमी की बेवफाई का पता चलने के बाद सही मायने में गुस्से में है।
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कार्यक्रम के अंत में शिल्पा ने निबद्ध पेश किया। इस प्रस्तुति में एक मां और उसके बच्चे के बीच के कोमल, चंचल रिश्ते पर आधारित रचना पेश की गयी। इसमें भगवान कृष्ण और मां यशोदा के खूबसूरत ममतामयी भावों का प्रस्तुतीकरण है।
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