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हाईकोर्ट पहुंची भाकियू: कहा- सेना स्तर के हथियारों का किसानों पर हुआ इस्तेमाल, उठाई न्यायिक जांच की मांग
Tue, 05 Mar 2024 06:03 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 05 Mar 2024 06:03 PM IST
सार
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। याचिका में किसानों के नुकसान की जांच न्यायिक आयोग से करने की मांग उठाई गई है। याचिका में यह भी कहा गया कि किसानों पर सेना स्तर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।
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किसान आंदोलन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए 21 फरवरी को पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों के जीवन और संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए न्यायिक जांच की मांग की है। याचिका में कहा गया कि निहत्थे किसानों पर सेना स्तर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।
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बलबीर सिंह राजेवाल ने जनहित याचिका में बताया कि हरियाणा सरकार के आदेश पर हरियाणा पुलिस व सीआरपीएफ पंजाब के क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शनकारी किसानों पर हिंसक कार्रवाई की गई थी। इसमें कई किसानों की जान चली गई थी और 250 से अधिक किसान घायल हो गए। पैलेट गन के इस्तेमाल के कारण अधिकांश ने अपनी दृष्टि और अंग खो दिए। इसके साथ ही अंधाधुंध गोलीबारी के कारण किसानों की संपत्ति जैसे ट्रैक्टर ट्रॉली, कार, मोटरसाइकिल और अन्य मोटर वाहनों को नुकसान हुआ।
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याचिका में कहा गया कि हरियाणा की ओर से की गई हिंसक कार्रवाई पर पंजाब सरकार व पंजाब पुलिस भी मौन रही। याची ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे और इन निहत्थे किसानों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। हरियाणा सरकार के कहने पर पुलिस द्वारा किए गए नुकसान की जांच दोनों राज्य की सरकारें नहीं कर सकती हैं। ऐसे में हरियाणा पुलिस द्वारा किए गए अवैध कृत्यों की जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र आयोग गठित करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है।
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