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हर वर्दी के पीछे होती है एक कहानी : कटारिया
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ऑपरेशन सर्चलाइट से बांग्लादेश में मचा था कत्लेआम
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट में बुधवार को जंग की कहानियां कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि सैनिक का सबसे बड़ा धर्म देश की रक्षा और तिरंगे का सम्मान है। विद्यार्थियों को सैनिकों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी और निष्ठा से देश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर माताओं के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
मेजर जनरल जगजीत सिंह एसएम समेत अन्य वक्ताओं ने 1971 के युद्ध की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्च 1971 में पाकिस्तानी सेना ने बांग्लादेश में ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया था, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए और महिलाओं पर अत्याचार हुए। करीब एक करोड़ लोगों ने पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में शरण ली। इससे भारत के सामने भोजन, स्वास्थ्य और आवास का संकट खड़ा हो गया। वक्ताओं ने बताया कि भारत ने कूटनीतिक और सैन्य रणनीति के जरिए बांग्लादेश की आजादी का रास्ता बनाया। अभियान को स्कूल-कॉलेजों का समर्थन मिल रहा है। ज्ञानसेतु के सहयोग से विभिन्न संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट में बुधवार को जंग की कहानियां कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि सैनिक का सबसे बड़ा धर्म देश की रक्षा और तिरंगे का सम्मान है। विद्यार्थियों को सैनिकों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी और निष्ठा से देश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर माताओं के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
मेजर जनरल जगजीत सिंह एसएम समेत अन्य वक्ताओं ने 1971 के युद्ध की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्च 1971 में पाकिस्तानी सेना ने बांग्लादेश में ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया था, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए और महिलाओं पर अत्याचार हुए। करीब एक करोड़ लोगों ने पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में शरण ली। इससे भारत के सामने भोजन, स्वास्थ्य और आवास का संकट खड़ा हो गया। वक्ताओं ने बताया कि भारत ने कूटनीतिक और सैन्य रणनीति के जरिए बांग्लादेश की आजादी का रास्ता बनाया। अभियान को स्कूल-कॉलेजों का समर्थन मिल रहा है। ज्ञानसेतु के सहयोग से विभिन्न संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है।
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