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Chandigarh News: स्लिम दिखने की जल्दबाजी, सावधान रहिए... जान पर पड़ सकती है भारी

Sat, 11 Apr 2026 12:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:23 AM IST
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Be careful in your hurry to look slim... it can be fatal.
चंडीगढ़। फिट और स्लिम दिखने की होड़ में युवा तेजी से ऐसे शॉर्टकट अपना रहे हैं जो उनकी सेहत पर भारी पड़ सकते हैं। मोटापा कम करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के इंजेक्शन और दवाओं का इस्तेमाल एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लापरवाही न केवल अस्थायी साइड इफेक्ट्स, बल्कि स्थायी ऑर्गन डैमेज तक का कारण बन सकती है।
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सोसायटी ऑफ फार्माकोविजिलेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संदीप अग्रवाल ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वजन घटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हार्मोन-आधारित इंजेक्शन और विभिन्न स्लिमिंग दवाएं यदि बिना चिकित्सकीय निगरानी के ली जाएं, तो ये शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे लीवर, किडनी, पैनक्रियास और हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में उल्टी, डिहाइड्रेशन, तेज धड़कन, कमजोरी और गंभीर मेटाबॉलिक गड़बड़ियां भी देखने को मिली हैं। इसलिए वजन घटाने के लिए किसी भी दवा या इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल विशेषज्ञ की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
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सोशल मीडिया से प्रभावित



डॉ. संदीप का कहना है कि डिजिटल दौर में सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स का प्रभाव भी इस ट्रेंड को हवा दे रहा है। जल्दी वजन कम करें, एक महीने में स्लिम बनें जैसे दावे युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। नतीजतन लोग बिना मेडिकल जांच या डॉक्टर की सलाह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या जिम ट्रेनर्स के कहने पर इंजेक्शन और दवाएं लेने लगते हैं जो कई बार उनके शरीर के अनुकूल नहीं होतीं। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति का शरीर, उसकी मेटाबॉलिक दर और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। ऐसे में वन-साइज-फिट्स-ऑल फार्मूला अपनाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। कुछ मरीजों में ये दवाएं तुरंत असर दिखाती हैं, लेकिन कुछ में गंभीर साइड इफेक्ट्स भी सामने आ सकते हैं, जिनका इलाज लंबा और जटिल हो सकता है।
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शारीरिक ही नहीं, मानसिक सेहत पर भी असर
बिना जरूरत या गलत तरीके से वजन कम करने की कोशिश शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है। इससे हार्मोनल असंतुलन, मांसपेशियों की कमजोरी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कई मामलों में वजन तो कम हो जाता है, लेकिन शरीर अंदर से कमजोर हो जाता है, जिससे आगे चलकर अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने का सबसे सुरक्षित और स्थायी तरीका संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन है। डॉ. संदीप का कहना है कि यदि किसी को मेडिकल कारणों से दवा या इंजेक्शन की आवश्यकता हो तो उसे केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में ही लेना चाहिए।



ऐसे काम करते हैं वेट लॉस इंजेक्शन और दवाएं

- अधिकांश आधुनिक वेट लॉस इंजेक्शन शरीर में जी एल पी-1 हार्मोन के प्रभाव को बढ़ाकर काम करते हैं।



ये दिमाग को संकेत देते हैं कि पेट भरा हुआ है जिससे भूख कम हो जाती है

पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी कर देते हैं, जिससे लंबे समय तक तृप्ति बनी रहती है

ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं, जिससे फैट स्टोरेज कम होता है
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