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Chandigarh News: अनुबंध नौकरियों में सामाजिक, आर्थिक आधार व अनुभव के अंकों पर रोक
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-नियमित भर्ती में सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों के लाभ को हाईकोर्ट पहले ही कर चुका है रद्द-अनुभव के अंकों का लाभ केवल हरियाणा सरकार के आधीन संस्थानों से करने को हाईकोर्ट ने माना गलत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा की जा रही अनुबंध की भर्तियों में सामाजिक व आर्थिक आधार पर मिलने वाले 10 अंकों के लाभ पर रोक लगा दी है। साथ ही अनुभव के लिए दिए जाने वाले 10 अंकों के लाभ पर रोक लगाते हुए कहा कि इसे केवल सरकार के अधीन संस्थानों तक ही सीमित करना गलत है।
मेवात निवासी खालिद हुसैन ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में अनुबंध की नौकरियां कौशल रोजगार निगम के माध्यम से दी जाती हैं। इन नौकरियों के लिए आवेदकों को चयनित करते हुए उन्हें सामाजिक व आर्थिक आधार पर 10 अंकों का लाभ दिया जाता है। याची ने बताया कि सुकृति मलिक बनाम हरियाणा सरकार मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ पहले ही इस आधार पर अंकों के लाभ को अवैध करार दे चुकी है। वह मामला सरकारी नियमित नौकरियों से जुड़ा हुआ था। अनुबंध की नौकरियों में अभी भी सरकार इस आधार पर अंकों का लाभ दे रही है। साथ ही बताया कि अनुभव के आधार पर 10 अंकों का लाभ आवेदक को दिया जाता है। याची ने कहा कि यह लाभ सरकार ने केवल सरकार के अधीन संस्थानों से अनुभव होने तक सीमित किया गया है, जो अन्य सरकारों में अनुभव पाने वालों के साथ अन्याय है। यह संविधान में दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन भी है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इन दोनों प्रकार के अंकों का लाभ देने पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अब अनुबंध की नौकरी के लिए सामाजिक व आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले अंकों के साथ ही अनुभव के अंकों पर भी रोक लगा दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा की जा रही अनुबंध की भर्तियों में सामाजिक व आर्थिक आधार पर मिलने वाले 10 अंकों के लाभ पर रोक लगा दी है। साथ ही अनुभव के लिए दिए जाने वाले 10 अंकों के लाभ पर रोक लगाते हुए कहा कि इसे केवल सरकार के अधीन संस्थानों तक ही सीमित करना गलत है।
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मेवात निवासी खालिद हुसैन ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में अनुबंध की नौकरियां कौशल रोजगार निगम के माध्यम से दी जाती हैं। इन नौकरियों के लिए आवेदकों को चयनित करते हुए उन्हें सामाजिक व आर्थिक आधार पर 10 अंकों का लाभ दिया जाता है। याची ने बताया कि सुकृति मलिक बनाम हरियाणा सरकार मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ पहले ही इस आधार पर अंकों के लाभ को अवैध करार दे चुकी है। वह मामला सरकारी नियमित नौकरियों से जुड़ा हुआ था। अनुबंध की नौकरियों में अभी भी सरकार इस आधार पर अंकों का लाभ दे रही है। साथ ही बताया कि अनुभव के आधार पर 10 अंकों का लाभ आवेदक को दिया जाता है। याची ने कहा कि यह लाभ सरकार ने केवल सरकार के अधीन संस्थानों से अनुभव होने तक सीमित किया गया है, जो अन्य सरकारों में अनुभव पाने वालों के साथ अन्याय है। यह संविधान में दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन भी है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इन दोनों प्रकार के अंकों का लाभ देने पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अब अनुबंध की नौकरी के लिए सामाजिक व आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले अंकों के साथ ही अनुभव के अंकों पर भी रोक लगा दी है।
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