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Badshahpur Election Result 2024: बादशाहपुर में बादशाहत की लड़ाई इस बार अनुभव बनाम उम्र की
Tue, 08 Oct 2024 10:11 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 08 Oct 2024 10:11 AM IST
सार
नरबीर पहली बार साल 2014 में इस सीट पर जीते थे और मनोहर सरकार में मंत्री बने थे। अब दोबारा से भाजपा ने उन्हें मैदान में उतरा है। पिछले दिनों उनके चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आए थे।
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वर्धन यादव, राव नरबीर सिंह
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र बादशाहपुर में बादशाहत की लड़ाई इस बार अनुभव बनाम उम्र की है। अनुभव भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री राव नरबीर का और उम्र कांग्रेस के सबसे युवा नेता व पहली बार चुनाव लड़ रहे वर्धन यादव की।
नरबीर पहली बार साल 2014 में इस सीट पर जीते थे और मनोहर सरकार में मंत्री बने थे। अब दोबारा से भाजपा ने उन्हें मैदान में उतरा है। पिछले दिनों उनके चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आए थे। दूसरी ओर वर्धन के समर्थन में दीपेंद्र व पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ राजस्थान से कांग्रेस नेता सचिन पायलट आ चुके हैं।
निर्दलीय कुमुदनी दोनों के ही समीकरण बिगाड़ रही हैं। उनके पति राकेश की चुनाव से पहले मौत हो गई थी, इस कारण लोगों में उनसे सहानुभूति है। कुमुदनी मुख्य मुकाबले में नहीं हैं, लेकिन उनका महत्व इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों सचिन पायलट को यह तक कहना पड़ा कि मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच में है। किसी और को वोट देकर वोट बेकार न करें।
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एक्स फैक्टर : टिकट मिलने से पहले ही जश्न मनाने वाले राव नरबीर को पसीना बहाना पड़ा। उनकी राह इस बार आसान नहीं।
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नरबीर पहली बार साल 2014 में इस सीट पर जीते थे और मनोहर सरकार में मंत्री बने थे। अब दोबारा से भाजपा ने उन्हें मैदान में उतरा है। पिछले दिनों उनके चुनाव प्रचार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आए थे। दूसरी ओर वर्धन के समर्थन में दीपेंद्र व पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ राजस्थान से कांग्रेस नेता सचिन पायलट आ चुके हैं।
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निर्दलीय कुमुदनी दोनों के ही समीकरण बिगाड़ रही हैं। उनके पति राकेश की चुनाव से पहले मौत हो गई थी, इस कारण लोगों में उनसे सहानुभूति है। कुमुदनी मुख्य मुकाबले में नहीं हैं, लेकिन उनका महत्व इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों सचिन पायलट को यह तक कहना पड़ा कि मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच में है। किसी और को वोट देकर वोट बेकार न करें।
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एक्स फैक्टर : टिकट मिलने से पहले ही जश्न मनाने वाले राव नरबीर को पसीना बहाना पड़ा। उनकी राह इस बार आसान नहीं।