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पचंकूलाः उत्तराखंड की महिला ने रोडवेज की चलती बस में दिया बच्चे को जन्म, सवारियों ने की मदद
Fri, 09 Aug 2019 10:57 AM IST
खुशबू गोयल
संजय पारवाला, अमर उजाला, पंचकूला
संजय पारवाला, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 09 Aug 2019 10:57 AM IST
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बच्चे का जन्म
- फोटो : अमर उजाला
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देहरादून से चंडीगढ़ आ रही हिमाचल रोडवेज की बस में रायपुररानी के पास उत्तराखंड की एक महिला नीता ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। रायपुररानी-नारायणगढ़ रोड पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बुधवार रात को बस के यहां से गुजरने पर महिला को दर्द शुरू हो गया। बस में सवार लोगों के पास कोई चारा नहीं था।
इसके बाद बस में सवार महिलाओं ने मदद की और महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद महिला को रायपुररानी के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बच्चे का वजन कम होने के कारण से चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। उत्तराखंड से राकेश कुमार अपनी पत्नी नीता को इलाज के लिए सेक्टर-32 ले जा रहा था।
बस में जन्मे बच्चे का वजन मात्र 1.2 किलो
जब बच्चा पैदा हुआ तो उसका वजन मात्र 1.200 किलो ही था। रातभर तो रायपुररानी के अस्पताल में मशीन से बच्चे को ट्रीटमेंट दिया, लेकिन कम वजन होने के कारण उसे वीरवार सुबह जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। अब वहां बच्चे का ट्रीटमेंट होगा। इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि जिस प्रकार से इस मार्ग पर गड्ढे हैं वह महिला की डिलीवरी का कारण बन सकते हैं।
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इसके बाद बस में सवार महिलाओं ने मदद की और महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद महिला को रायपुररानी के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बच्चे का वजन कम होने के कारण से चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। उत्तराखंड से राकेश कुमार अपनी पत्नी नीता को इलाज के लिए सेक्टर-32 ले जा रहा था।
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बस में जन्मे बच्चे का वजन मात्र 1.2 किलो
जब बच्चा पैदा हुआ तो उसका वजन मात्र 1.200 किलो ही था। रातभर तो रायपुररानी के अस्पताल में मशीन से बच्चे को ट्रीटमेंट दिया, लेकिन कम वजन होने के कारण उसे वीरवार सुबह जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। अब वहां बच्चे का ट्रीटमेंट होगा। इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि जिस प्रकार से इस मार्ग पर गड्ढे हैं वह महिला की डिलीवरी का कारण बन सकते हैं।
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यात्री के पास था एसएमओ का नंबर
जैसे ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी तो बस में सवार लोगों में हड़कंप मच गया और इतने में उसे महिला की डिलीवरी हो गई। तब बस में सवार एक यात्री के पास एसएमओ का नंबर था। उसने डॉक्टर को पूरी बात बताई और फिर डॉक्टर संजीव गोयल ने एक एंबुलेंस और डॉक्टर समेत टीम रायपुररानी बस स्टैंड पर भेज दी। बस के आते ही महिला को तुरंत रायपुररानी अस्पताल पहुंचाया गया।
हिमाचल की बस में मेरा कोई मरीज था। उसके पास मेरा मोबाइल नंबर था। उसकी कॉल के बाद एक महिला डॉक्टर, एक नर्स और अन्य स्टाफ के साथ एंबुलेंस को महिला के इलाज के लिए तैयार किया गया। बच्चे का वजन बेहद कम है, जिसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। महिला बिल्कुल ठीक है।
- डॉ. संजीव गोयल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, रायपुररानी
हिमाचल की बस में मेरा कोई मरीज था। उसके पास मेरा मोबाइल नंबर था। उसकी कॉल के बाद एक महिला डॉक्टर, एक नर्स और अन्य स्टाफ के साथ एंबुलेंस को महिला के इलाज के लिए तैयार किया गया। बच्चे का वजन बेहद कम है, जिसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। महिला बिल्कुल ठीक है।
- डॉ. संजीव गोयल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, रायपुररानी